
BJP MLA Sarbori Mukherjee Statement: पश्चिम बंगाल में बीते कुछ दिनों से ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में घमासान मचा हुआ है। इसी बीच टीएमसी के 20 बागी सांसदों का नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय हो गया। इसी पर बीजेपी विधायक सरबोरी मुखर्जी ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी नीति पर बनती है। राजनीति विचारधारा पर आधारित होती है। तृणमूल का गठन न तो नीतियों पर हुआ और न ही आदर्शों पर। इस पार्टी का गठन केवल लूटने, लोगों को परेशान करने, लोगों के पैसे लूटने के लिए किया गया था।
बीजेपी विधायक सरबोरी मुखर्जी ने कहा कि बंगाल भर में हर विधानसभा, हर वार्ड और पार्षदों की संख्या को देखें। प्रत्येक पार्षद 100 या 200 करोड़ रुपये का मालिक है। हमारी जादवपुर विधानसभा में, कुछ पार्षद हैं जो एक हजार करोड़ का मालिक?
उन्होंने कहा कि साल 2011 में जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई, तो लोगों ने सोचा कि इस बार, यह उनके विचार, राय और सिद्धांतों को व्यक्त करने का तरीका है। लेकिन वे नहीं जानते थे कि वे चोरों को हटा रहे हैं और डाकुओं को स्थापित कर रहे हैं। तो अब, स्थिति को देखो, हर कोई जा रहा है…देखो, अगर आप लोगों को विश्वास दिलाते हैं और केवल लूटते हैं, तो यही होगा के साथ समाप्त करें।
तृणमूल कांग्रेस में चल रहे संकट के बीच बागी टीएमसी सांसद अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि ममता बनर्जी पार्टी में एक भी बैठक बुलाने में विफल रही हैं। जिस पार्टी को बंगाल में खड़ा किया गया था, आज ममता बनर्जी डरी हुई हैं। वह एक भी बैठक नहीं बुला सकती हैं। वह चुनाव से पहले अपने क्षेत्र में एक बैठक नहीं कर सकीं।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने सोमवार को कोलकाता में कहा कि अब यह स्पष्ट है कि तृणमूल कांग्रेस वह पार्टी है जिसकी अध्यक्ष ममता बनर्जी हैं, जिसका चुनाव चिह्न दो फूल है, जिसका लक्ष्य भाजपा को हराना है। टीएमसी चिह्न पर चुने गए 20 सांसदों ने अवैध रूप से एनडीए को अपना समर्थन घोषित करते हुए एक अस्पष्ट पार्टी, कुछ राष्ट्रीय नागरिक पार्टी में शामिल होकर अपने मतदाताओं को धोखा देने का फैसला किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से संविधान की अनुसूची 10-4 के प्रावधानों से बचने के लिए ऐसा किया।