कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की पीएम मोदी को लेकर की गई टिप्पणई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि उनका दिमागी संतुलन बिगड़ गया है, कांग्रेस को उनका इलाज करवाना चाहिए।
नई दिल्ली में राजनीतिक माहौल इन दिनों काफी गरम बना हुआ है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है। बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने खरगे की टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे अपमानजनक तथा दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इस घटनाक्रम ने दोनों प्रमुख दलों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है, जिससे राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
बीजेपी नेता प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता ने देश के प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की है। मुझे लगता है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है और कांग्रेस पार्टी को उन्हें तुरंत किसी मनोचिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। इस बयान के जरिए बीजेपी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी खड़गे की टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया और इसे जनभावनाओं को आहत करने वाला बताया।
दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब खरगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विवादित शब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि बाद में खरगे ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से कुछ कहना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान नीतियों और राजनीतिक शैली की आलोचना के संदर्भ में था। खरगे ने कहा कि उनका आशय यह था कि पीएम मोदी लोगों और विपक्षी दलों को डराने की राजनीति कर रहे हैं, न कि उन्हें किसी विशेष शब्द से संबोधित करना। इसके बावजूद बीजेपी ने इस सफाई को स्वीकार नहीं किया और इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर लगातार हमला जारी रखा।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हैं। प्रवीण खंडेलवाल ने इन राज्यों में हो रहे मतदान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि आज का दिन इन राज्यों की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें और लोकतंत्र के इस उत्सव को मजबूत बनाएं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार को हार का सामना करना पड़ेगा और बीजेपी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। इस तरह के बयानों से साफ है कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दलों के बीच टकराव और अधिक बढ़ने वाला है।