
देश की राजनीति आज दो अलग-अलग ध्रुवों पर खड़ी नजर आएगी। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आज, 23 अप्रैल को पहले चरण के लिए 152 और तमिलनाडु (Tamil Nadu) की सभी 234 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है। एक तरफ बंगाल है, जहाँ चुनावी लड़ाई 'ध्रुवीकरण' और आक्रमक नैरेटिव के बीच लड़ी जा रही है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु है, जहाँ 'मॉडल बनाम मॉडल' की शांत लेकिन गहरी वैचारिक त्रिकोणीय टक्कर होगी।
बंगाल में पहले चरण का मतदान सिर्फ शुरुआत नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा तय करने वाला संकेत माना जा रहा है। यहाँ मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी (BJP) और टीएमसी (TMC) के बीच है। बीजेपी ने इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और अन्य नेताओं ने राजनीतिक हिंसा, खराब कानून-व्यवस्था, व्यापक भ्रष्टाचार के साथ घुसपैठ का मुद्दा जोर शोर से उठाया। महिला आरक्षण लागू नहीं होने का ठीकरा टीएमसी पर फोड़ा गया। बीजेपी ने समान नागरिक संहिता लागू करने, घुसपैठ रोकने, सीमाओं को मजबूत करने, रोजगार सृजन जैसे वादे किए। इसके साथ ही मस्जिद, नमाज, डेमोग्राफी बदलने जैसे मुद्दों को उठाकर ध्रुवीकरण की कोशिश की।
वहीं टीएमसी चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के सामने यह चुनाव अब तक का सबसे कठिन माना जा रहा है। टीएमसी ने भाजपा पर एसआईआर के ज़रिए मतदाता सूची में गड़बड़ी करने और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर उम्मीदवारों और पार्टी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। टीएमसी ने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आई तो मछली, मांस और अंडे पर प्रतिबंध लगा देगी। महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन कर बंगाल के तीन टुकड़े करने का आरोप भी टीएमसी ने भाजपा पर लगाया। टीएमसी ने हर परिवार को पक्का घर, सभी के लिए पाइप से पीने का पानी, भूमिहीन किसानों को समर्थन देने का वादा किया।
तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई का स्वर अलग है। यहाँ मुकाबला वैचारिक 'मॉडल बनाम मॉडल' का है। डीएमके (DMK) अपने 'द्रविड़ मॉडल' को विकास, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय पहचान के साथ जोड़कर पेश कर रही है। सीएम एम.के. स्टालिन (M.K. Stalin) इस मॉडल को अपनी सबसे बड़ी ताकत के साथ जीत दोहराने की कोशिश में है। कांग्रेस (Congress) और वामपंथी दलों के साथ डीएमके का मजबूत गठबंधन है। डीएमके का बीजेपी पर सबसे बड़ा आरोप परिसीमन कर तमिलनाडु की अहमियत कम करने का है। इसके अलावा हिंदी को जबरन थोपने का भी मुद्दा बना हुआ है।
वहीं बीजेपी तमिलनाडु में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। पार्टी भले ही कम सीट पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ गठबंधन कर दक्षिण के इस राज्य में एनडीए (NDA) की सरकार बनाने के लिए उत्सुक है।
अभिनेता से नेता बने थलापति विजय (Vijay) की पार्टी टीवीके (TVK) ने सभी 234 सीटों पर उम्मीदवार उतार रखे हैं। विजय ने किसी भी गठबंधन से हाथ नहीं मिलाया है और द्रविड़ सियासत को ही आगे बढ़ाया है। विजय की पार्टी इस चुनाव में कुछ चौंकाने वाले नतीजे सामने ला सकती है। इससे राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
Updated on:
23 Apr 2026 09:07 am
Published on:
23 Apr 2026 09:01 am
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