23 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: आरबीआई ने 5 बैंकों से पीड़ित को 1.31 करोड़ का मुआवजा दिलाया

Digital Arrest Fraud: डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामले में आरबीआई ने देश के 5 बैंकों से इसकी भरपाई करवाई है। आरबीआई ने यह काम कैसे किया? आइए जानते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Apr 23, 2026

RBI

RBI

देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड मामलों में से एक में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया - आरबीआई (Reserve Bank of India - RBI) ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। आरबीआई लोकपाल ने बैंकिंग नियमों की अनदेखी के लिए 5 प्रमुख बैंकों - एक्सिस बैंक, सिटी यूनियन बैंक, आइसीआइसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक को कड़ी फटकार लगाते हुए पीड़ित को 1.31 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया था। यह राशि अब पीड़ित को मिल गई है।

क्या है मामला?

यह मामला दिल्ली के 78 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंकर नरेश मल्होत्रा से जुड़ा है, जिन्होंने अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसकर 22.92 करोड़ रुपये गंवा दिए थे। जांच में सामने आया कि मल्होत्रा की गाढ़ी कमाई देश भर के 811 'म्यूल अकाउंट्स' (फर्जी खाते) में 4,236 ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए फैला दी गई थी। आरबीआई लोकपाल ने इसे सिस्टम की चूक इसलिए माना कि पैसे इतनी तेज़ी से लेयरिंग किए गए कि मानवीय हस्तक्षेप से उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन था।

बैंकों ने किया था केवाइसी का उल्लंघन

आरबीआई लोकपाल ने पाया कि हालांकि पीड़ित ने दबाव में खुद पैसे ट्रांसफर किए थे, लेकिन जिन बैंकों में पैसा गया, उन्होंने नो योर कस्टमर और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन किया। आरबीआई लोकपाल ने स्पष्ट किया कि इन बैंकों ने संदिग्ध खातों की मॉनिटरिंग में ढिलाई बरती, जिससे धोखाधड़ी की रकम को तेजी से खपाने में मदद मिली। आदेश के तहत, चार बैंकों को जमा राशि का 5% और यस बैंक को अतिरिक्त खामियों के कारण 7.5% मुआवजा देने को कहा गया।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग