कर्नाटक समेत कई राज्यों में दर्जनों छात्रों को कैंपस में ड्रग्स बेचने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी युवाओं में ड्रग्स के बढ़ते दुरुपयोग को कूल समझने की गलत धारणा पर चेतावनी दे चुका है। कोर्ट ने सभी हितधारकों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों, पुलिस और सरकार से अपील की है कि वे इस खतरे को गंभीरता से लें। स्कूल-कॉलेजों में सख्त निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम और डी-एडिक्शन सेंटरों को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया। यह मामला सिर्फ एक छात्रा का नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।