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कॉलेजों में स्टूडेंट्स के जरिए बेची जा रही ड्रग्स, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ये बेहद चिंताजनक, इसे गंभीरता से लें

एक छात्रा से जुड़े नारकोटिक्स के मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। इसके साथ ही कोर्ट ने कॉलेजों में स्टूडेंट्स के जरिए बेची जा रही ड्रग्स को लेकर जिम्मेदारों से सजग रहने की अपील की है।
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भारत

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Vinay Shakya

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Updated: 23 Apr 2026, 5:21 AM IST

DNA test for adultery in divorce cases:

सुप्रीम कोर्ट (सोर्स: ANI)

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को नारकोटिक्स से जुड़े एक मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों में नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी और दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त जताई है। न्यायमूर्ति जेबी पादरीवाला और न्यायमूर्ति विजय विश्रोई की पीठ ने कहा कि स्कूल-कॉलेज अब अवैध ड्रग नेटवर्क के लिए टारगेट जोन बन गए हैं।

स्टूडेंट्स को मोहरा बना रहे ड्रग तस्कर

सुप्रीम कोर्ट में 21 वर्षीय लॉ स्टूडेंट की याचिका पर सुनवाई हुई। इस छात्रा के पास से 20 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट की बेंच ने कहा- माफिया सक्रिय रूप से छात्रों को न सिर्फ उपभोक्ता, बल्कि ड्रग्स बेचने वाले एजेंट (मोहरा) बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कोर्ट ने छात्रा के करियर को देखते हुए अंतरिम राहत दी है, लेकिन मामले की गंभीरता पर जोर दिया।

लॉ की छात्रा को ड्रग्स की लत लगाना चिंताजनक

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा- एक लॉ पढ़ रही युवा लड़की को ड्रग्स की लत लग जाना बेहद चिंताजनक है। यह समस्या पूरे देश में फैल रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गौर किया कि ड्रग तस्कर स्कूल और कॉलेजों को अपना मुख्य लक्ष्य बना रहे हैं। छात्रों को आसानी से उपलब्धता, प्रेशर और अकादमिक तनाव का फायदा उठाकर निशाना बनाया जा रहा है। इससे न सिर्फ युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, बल्कि पूरा समाज प्रभावित हो रहा है।

कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में उचित रिपोर्ट और निर्देश मांगे हैं। इसके साथ ही अगली सुनवाई में न्यायमित्र (Amicus Curiae) नियुक्त करने पर भी विचार करने का संकेत दिया है, ताकि इस समस्या का व्यापक समाधान निकाला जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रग पेडलिंग के मामले बढ़े हैं।

युवाओं में ड्रग्स की लत पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी दी थी चेतावनी

कर्नाटक समेत कई राज्यों में दर्जनों छात्रों को कैंपस में ड्रग्स बेचने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी युवाओं में ड्रग्स के बढ़ते दुरुपयोग को कूल समझने की गलत धारणा पर चेतावनी दे चुका है। कोर्ट ने सभी हितधारकों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों, पुलिस और सरकार से अपील की है कि वे इस खतरे को गंभीरता से लें। स्कूल-कॉलेजों में सख्त निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम और डी-एडिक्शन सेंटरों को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया। यह मामला सिर्फ एक छात्रा का नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।