MCD चुनाव रिजल्ट आने के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने BJP पर पार्षद को खरीदने की कोशिश का बड़ा आरोप लगाया है, जिसके साथ उन्होंने सभी को कॉल रिकार्ड करने के लिए कहा है।
दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने BJP को सत्ता से बाहर करते हुए 250 सीट में से 134 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं BJP ने 104 सीटे और कांग्रेस मात्र 9 सीटों पर जीत पाई है। इसके बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए BJP पर पार्षद को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि "बीजेपी का खेल शुरू हो गया। हमारे नवनिर्वाचित पार्षदों के पास फोन आने शुरू हो गए हैं।"
इसके साथ ही सिसोदिया ने कहा है कि "हमारा कोई पार्षद नहीं बिकेगा। हमने सभी पार्षदों से कह दिया है कि इनका फोन आये या ये मिलने आयें तो इनकी रिकॉर्डिंग कर लें। मनीष सिसोदिया के इस ट्वीट को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी रीट्वीट किया है।
अब दिल्ली का मेयर चुनने की बारी: अमित मालवीय
इससे पहले बीजेपी IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट करते हुए कहा था कि "अब दिल्ली का मेयर चुनने की बारी...यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन करीबी मुकाबले में नंबर पकड़ सकता है, मनोनीत पार्षद किस तरह से मतदान करते हैं।" इसके साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ के भाजपा मेयर का भी जिक्र किया। इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए अमित मालवीय ने कहा है कि आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया है कि एक महिला ही दिल्ली की मेयर बनेगी, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली नगर निगम एक्ट के बारे में बताया।
क्या है दिल्ली नगर निगम का नियम
दिल्ली नगर निगम एक्ट के मुताबिक पांच साल के इस कार्यकाल में कोई भी पार्षद मेयर नहीं बन सकता है। इसके लिए आरक्षण नियम का पालन करना होगा, जिसमें पहले साल महिला पार्षद ही मेयर बन सकेगी। इसके बाद अनुसूचित जाति का कोई पार्षद ही मेयर बनने के लिए अपनी दावेदारी रख सकता है। वहीं फिर अगले तीस साल के लिए मेयर पद अनारक्षित होंगे, जिसमें कोई भी पार्षद मेयर बन सकता है।
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