
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Abhishek Banerjee CID Interrogation: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भड़काऊ बयान से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल सीआईडी ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से छह घंटे से ज्यादा पूछताछ की है। एक अधिकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उनसे सवाल किए। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर दर्ज किया गया था, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है।
सीआईडी के अनुसार, यह मामला विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों से जुड़ा है। उनके खिलाफ उत्तर 24 परगना जिले के बागुईआटी थाने में एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे बयान दिए जो सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते थे।
जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ के लिए सवालों का एक विशेष सेट तैयार किया गया था। अभिषेक बनर्जी से यह भी पूछा गया कि चुनावी सभाओं में दिए गए भड़काऊ बयानों के पीछे उनकी मंशा क्या थी? पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें उस सभा का वीडियो फुटेज भी दिखाया, जिसमें विवादित बयान दिया गया था। पूरी पूछताछ की वीडियोग्राफी भी की गई।
अभिषेक बनर्जी मंगलवार को दोपहर से पहले कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय 'भवानी भवन' पहुंचे थे। यहां उनसे करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई। शाम करीब 6:25 बजे वह सीआईडी कार्यालय से बाहर निकले। हालांकि बाहर मौजूद पत्रकारों से बातचीत करने से बचते हुए वह सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के लिए रवाना हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी बनाए जाने से जुड़े मामले में भी सवाल किए। इससे पहले सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में उनसे पूछताछ की थी।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच कई चुनावी कार्यक्रमों में ऐसे बयान दिए जो उकसाने वाले थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके कुछ बयान चुनाव बाद हिंसा और मतगणना प्रक्रिया से जुड़े थे। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है।
Updated on:
16 Jun 2026 09:41 pm
Published on:
16 Jun 2026 08:35 pm
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