Backstabbed: तमिलनाडु में थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए उसे सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी करार दिया है।
Betrayal: तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त एक नया अध्याय जुड़ गया जब दिग्गज अभिनेता से नेता बने थलापति विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इस बड़े सियासी बदलाव की गूंज सिर्फ दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिल्ली के गलियारों में भी इसका सीधा असर देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी ने इस मौके को भुनाते हुए विपक्षी गुट पर करारा प्रहार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है और उन पर गठबंधन धर्म न निभाने का गंभीर आरोप लगाया है।
शहजाद पूनावाला ने मीडिया से बात करते हुए साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने सहयोगी और क्षेत्रीय दलों को धोखा देने का ही काम किया है। उन्होंने कांग्रेस को 'नंबर वन धोखेबाज' करार देते हुए कहा कि इस पुरानी पार्टी की नीति हमेशा से अपने फायदे के लिए दूसरों का इस्तेमाल करने की रही है। पूनावाला के अनुसार, कांग्रेस की 'यूज एंड थ्रो' की इसी फितरत के कारण आज क्षेत्रीय दल उनसे खफा हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए विपक्ष के बड़े चेहरों का नाम लिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके के प्रमुख एमके स्टालिन खुद यह महसूस कर रहे हैं कि कांग्रेस ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है। बात सिर्फ दक्षिण की नहीं है, पूनावाला ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार ट्वीट करके कांग्रेस पर तंज कस रहे हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका बेहद नकारात्मक रही है।
पूनावाला ने विपक्षी दलों के गुट पर सबसे बड़ा तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की इन्ही हरकतों की वजह से 'INDI Alliance' का अब अंतिम संस्कार हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल क्षेत्रीय पार्टियों को लूटने और उनके जनाधार को कमजोर करने का काम करती है। यही कारण है कि अब कोई भी मजबूत क्षेत्रीय नेता कांग्रेस पर भरोसा करने को तैयार नहीं है।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। बीजेपी नेताओं ने पूनावाला के बयान का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ, क्षेत्रीय दलों के समर्थकों के बीच भी यह बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई कांग्रेस ने गठबंधन के नाम पर उन्हें हाशिए पर धकेलने की कोशिश की है। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से इस तीखे हमले पर आधिकारिक पलटवार का इंतजार है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देती है। क्या एमके स्टालिन, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी जैसे नेता बीजेपी के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया देंगे? साथ ही, तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस और डीएमके के रिश्तों में आगे क्या बदलाव आता है, इस पर राजनीतिक विश्लेषकों की कड़ी नजर बनी हुई है।
इस पूरी बहस का एक दिलचस्प पहलू थलापति विजय का उदय है। विजय के सीधे मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने से तमिलनाडु के पारंपरिक द्रविड़ दलों डीएमके और एआईएडीएमके के समीकरण बिगड़ गए हैं। बीजेपी इस मौके का इस्तेमाल कांग्रेस और डीएमके के बीच संभावित दरार को चौड़ा करने और दक्षिण में अपने लिए एक नया सियासी नैरेटिव सेट करने के लिए कर रही है। (इनपुट: ANI)