
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी और TMC के निलंबित नेता रिजु दत्ता। (Photo - IANS)
Riju Dutta on Suvendu Adhikari and Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC को हराकर भाजपा ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई है। राज्य के सत्ता की चाबी अब शुभेन्दु अधिकारी के हाथों में है। सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्य की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि ममता बनर्जी ने सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर आने आह्वान किया है, जिससे वे भाजपा का मुकाबला कर सके। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने प्रतीक जैन, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और राज्य के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी को लेकर बड़ा दावा किया है।
उन्होंने कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए रिजू दत्ता ने दावा किया, शुभेन्दु अधिकारी कम से कम 5 हजार तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जान बचाई है। वह केवल दो दिनों के लिए मुख्यमंत्री (कार्यकारी संदर्भ में) रहे हैं, लेकिन इन दो दिनों के भीतर उन्होंने इतने कार्यकर्ताओं को बचाया। 6 मई को उनके पीए को गोली मार दी गई थी। अगर शुभेन्दु अधिकारी कह देते कि बंगाल में बदला लिया जाएगा, तो उस रात बंगाल में 5,000 तृणमूल कार्यकर्ता मारे जाते। हालांकि शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि कोई भी कानून अपने हाथ में नहीं लेगा। हम इस मामले को देख रहे हैं, कृपया शांति बनाए रखें। मैं इसके लिए उन्हें सलाम करता हूं…'
TMC से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने शुभेन्दु अधिकारी ने तारीफ करते हुए कहा, 'भारत के इतिहास में यदि 10 राजनेताओं की सूची बनाई जाए, तो ममता बनर्जी का नाम उनमें से एक होगा… लेकिन शुभेंदु अधिकारी का सीवी (बायोडाटा) बेमिसाल है। जब वह TMC में थे, तो वह कई बार सांसद और कई बार कैबिनेट मंत्री, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहे। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद, उन्होंने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हराया, और इस बार भी उन्हें नंदीग्राम और भवानीपुर से हराया। इसलिए उनका बायोडाटा किसी और जैसा नहीं है। शुभेन्दु अधिकारी ही एकमात्र व्यक्ति हैं, जिनके पास पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का अधिकार है…'
निलंबित नेता रिजू दत्ता ने TMC की कार्यप्रणाली, चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC और संगठन के भीतर बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी को कमजोर करने में I-PAC की भूमिका रही है।
उन्होंने पार्टी के हार के कारणों का उल्लेख करते कहा, 'आज प्रतीक जैन (निदेशक, प्रतीक जैन) कहां हैं? वह भाग गए। उन्हें क्या नुकसान हुआ? उन्होंने टीएमसी से पैसा कमाया और बाजार से भी पैसा उठाया… लेकिन आप I-PAC को चुनौती नहीं दे सकते, क्योंकि वही पार्टी चला रही है। इसने दीदी को इस तरह अंधेरे में रखा। मुझे नहीं पता कि अभिषेक दा को यह क्यों नहीं पता था? इसने पार्टी को बर्बाद कर दिया… I-PAC द्वारा पार्टी में की गई इस तोड़-फोड़ के लिए दीदी और अभिषेक दा को जिम्मेदारी लेनी होगी।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि पार्टी खत्म होने का दूसरा कारण यह है कि टीएमसी के निचले स्तर के कैडरों ने जनता पर अत्याचार करके भारी भ्रष्टाचार किया है। न तो दीदी, न ही अभिषेक दा और न ही वरिष्ठ सांसदों ने कोई भ्रष्टाचार किया है… कोई दीदी पर उंगली नहीं उठा सकता। और तीसरा सबसे बड़ा कारण महिलाओं का अनादर है। हम सोचते थे कि बंगाल की सभी महिलाएं आंख मूंदकर दीदी को वोट देंगी…'
Updated on:
10 May 2026 08:31 pm
Published on:
10 May 2026 05:26 pm
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