
BJP Press Conference Voter Deletion: बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची और वोटों के काटने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में पहले भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और नए नाम जोड़े गए, लेकिन उस समय विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए।
सिद्धार्थ यादव ने अपने बयान में चार उदाहरण गिनाए। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2013 को दिल्ली में 13.58 लाख वोट डिलीट किए गए थे। उस समय भाजपा विपक्ष में थी, लेकिन पार्टी ने इसे वोट चोरी या प्रक्रिया में गड़बड़ी नहीं बताया।
उन्होंने दूसरा उदाहरण देते हुए कहा कि 9 अगस्त 2013 को बिहार में 76 लाख मतदाता संदिग्ध पाए गए थे। यादव ने कहा कि उस समय भी विपक्ष की ओर से यह सवाल नहीं उठाया गया कि ये मतदाता संदिग्ध क्यों हैं या प्रक्रिया में कोई खामी है।
इस दौरान बीजेपी नेता ने महाराष्ट्र का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल 2014 को बिना SIR के 70.76 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 74 लाख नए मतदाता जोड़े गए। उन्होंने कहा कि उस समय भी किसी ने इसे वोट चोरी का मामला नहीं बताया।
सिद्धार्थ यादव ने दावा किया कि कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में 10 बार SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया हुई, लेकिन उस समय किसी ने इसकी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाया।
उन्होंने विपक्ष से अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना, संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना और लोगों का इन संस्थाओं पर भरोसा कम करना उचित नहीं है।
यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी जमीनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर देश से माफी मांगनी चाहिए।
बता दें कि एसआईआर को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद विपक्ष लगातार सीईसी ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर आरोप लगा रहा है। विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की भी मांग की है। साथ ही कांग्रेस सहित अन्य दलों द्वारा इस मुद्दे को लेकर सड़क पर भी प्रदर्शन किया गया।