
Sudhanshu Trivedi Press Conference: बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो नेहरू की सोच थी, वहीं राहुल गांधी की सोच हैं। कांग्रेस ने हिंदुओं को खतरा बताया है। वहीं इस दौरान उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर भी निशाना साधा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने हामिद अंसारी की 2019 में लिखी किताब का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस किताब के अनुसार, नेहरू का कहना था कि उनके लिए साम्यवाद (Communism) उतना बड़ा खतरा नहीं है, जितना हिंदू राष्ट्रवाद (Hindu Nationalism) है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि इसके लिए मैं हामिद अंसारी को बधाई देना चाहता हूं।
बीजेपी नेता ने कहा कि हामिद अंसारी ने तीन महत्वपूर्ण काम किए है। पहला- उन्होंने पूरी तरह यह उजागर कर दिया है कि कांग्रेस अब पूरी तरह ‘मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस’ बन चुकी है। दूसरा- उन्होंने यह संदर्भ दिया कि नेहरू के अनुसार साम्यवाद वास्तव में एक खतरा था। जबकि आज कांग्रेस अति-वामपंथ (Ultra-Left) की दिशा में जा चुकी है। तीसरा- उन्होंने नेहरू का भी एक संदर्भ सामने ला दिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के शब्दों में जो बातें दिखाई देती हैं, उनकी जड़ें उनके वंश के पुराने राजनीतिक विचारों में छिपी हुई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुस्लिम लीग की स्थापना जिन्ना ने की थी। कांग्रेस केरल में उन्हीं के साथ गठबंधन करके सरकार चला रहे हैं। स्वतंत्र भारत के इतिहास का यह एक काला अध्याय है कि मुस्लिम लीग के पांच मंत्री सरकार में हैं। क्या वे पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष हैं?
उन्होंने कहा कि अगर कोई यह कहता है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), जिन्ना की मुस्लिम लीग नहीं है, तो वह झूठ बोल रहा है। इसके संस्थापक मोहम्मद इस्माइल, जिन्ना की मुस्लिम लीग की मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रमुख थे। जिस तरह जिन्ना को ‘कायदे-आज़म’ कहा जाता था, उसी तरह मोहम्मद इस्माइल को ‘कायदे-मिल्लत’ कहा जाता था।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को वॉशिंगटन में यह कहने की क्या जरूरत थी कि ‘भाजपा सांप्रदायिक है और मुस्लिम लीग पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष है’? विकीलीक्स के अनुसार, 2011 में उन्होंने अमेरिकी राजदूत से मुलाकात की थी और कहा था कि उनके लिए हिंदू उग्रवाद, लश्कर-ए-तैयबा से भी बड़ा खतरा है। मैं यह नहीं कहता कि विकीलीक्स में दी गई हर बात तथ्यात्मक रूप से सही है, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसका खंडन नहीं किया। राहुल गांधी की सोच बिल्कुल नेहरू जैसी है।