
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से ठीक पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। लेकिन सत्तापक्ष एनडीए ने इसे साफ तौर पर 'हार का ड्रामा' बता दिया है।
प्रशांत किशोर ने शनिवार को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की। अपने सात वरिष्ठ नेताओं के साथ पहुंचे प्रशांत ने पटना पुलिस पर सत्तारूढ़ दलों के साथ मिलकर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने पटना के एसएसपी के खिलाफ लिखित शिकायत भी सौंपी।
किशोर का आरोप है कि वोटिंग से पहले पुलिस ने मतदाताओं को धमकाया और लोकतंत्र की प्रक्रिया को तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की।
इस आरोप पर भाजपा नेता और बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने जवाब दिया। इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर हार स्वीकार कर चुके हैं। इसलिए अब वे यह नाटक कर रहे हैं।
राम कृपाल ने कहा- अगर कोई गड़बड़ी हुई थी तो उसी दिन क्यों नहीं बताया? बूथ वार नतीजे देखकर उन्हें पता चल गया कि वे काफी पीछे चल रहे हैं। तब जाकर वे चुनाव आयोग पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि प्रशांत किशोर को अब हार मान लेनी चाहिए और जनता से माफी मांगकर घर लौट जाना चाहिए।
जदयू के महासचिव श्याम रजक ने भी प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा- वे अपना ड्रामा करेंगे लेकिन यह फ्लॉप ही होगा। जनता ने अपना फैसला ईवीएम में डाल दिया है। एनडीए, भाजपा और नीरज कुमार सिन्हा की जीत पक्की है। श्याम रजक ने आगे कहा कि प्रशांत किशोर हार के बाद अक्सर ऐसे आरोप लगाते रहे हैं। जनता इन बातों को गंभीरता से नहीं लेती।
बांकीपुर सीट पटना की महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। यहां उपचुनाव का नतीजा न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे बिहार की सियासत पर असर डाल सकता है। एनडीए की कोशिश है कि इस सीट पर मजबूत जीत दर्ज की जाए, जबकि प्रशांत किशोर अपनी पार्टी की पहचान बनाने की कोशिश में जुटे हैं।