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Hyderabad SIR Process: SIR को लेकर AIMIM की कार्यशाला, BJP प्रदेश अध्यक्ष बोले-राजनीतिक दलों की भागीदारी जरूरी

AIMIM Holds SIR Workshop in Hyderabad: हैदराबाद में एआईएमआईएम द्वारा आयोजित कानूनी कार्यशाला को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इसे ओवैसी की पार्टी की 'देर से जागी चेतना' बताया है, जिससे अब कानून और व्यवस्था को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
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N. Ramchandra Rao
N. Ramchandra Rao

BJP Welcomes AIMIM's Participation in SIR: तेलंगाना की राजनीति में बयानबाजी और सियासी दांव-पेंच का दौर हमेशा दिलचस्प रहता है, लेकिन इस बार भाजपा ने एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर ऐसा तंज कसा है जिसकी गूंज पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। हैदराबाद में एआईएमआईएम द्वारा आयोजित एक कानूनी वर्कशॉप को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने तीखा हमला बोला है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने एआईएमआईएम की इस पहल पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह बेहद अच्छी बात है कि आखिरकार राजनीतिक दलों को समझ आ रहा है कि प्रक्रियाओं से जुड़ना कितना जरूरी है।

क्या बोले बीजेपी अध्यक्ष

AIMIM की वर्कशॉप पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी अब हैदराबाद में एक वर्कशॉप कर रही है और वकीलों को बुलाया है, जबकि इसके वर्कर SIR प्रोसेस में हिस्सा ले रहे हैं। यह अच्छी बात है कि पॉलिटिकल पार्टियों को आखिरकार यह समझ आ गया है कि वर्कशॉप को इस प्रोसेस से जोड़ा जाना चाहिए और उन्हें भी SIR में हिस्सा लेना चाहिए।

डिजिटलीकरण में हैदराबाद सबसे आगे

वहीं अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में सत्यापन प्रक्रिया के तहत अब तक 14,38,446 फॉर्म का डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है। CURE क्षेत्र के जिलों में हैदराबाद डिजिटलीकरण के मामले में सबसे आगे है। यहां 29,71,175 फॉर्म (62.73%) वितरित किए गए हैं, जबकि 1,05,393 फॉर्म (2.23%) का डिजिटलीकरण हो चुका है।

ओडिशा में वोटर लिस्ट की ड्राफ्ट सूची जारी

वहीं ओडिशा में एसआईआर अभियान के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में करीब 20.13 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट मतदाता लिस्ट से हटाए गए हैं। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) आर. एस. गोपालन ने बताया कि संशोधन से पहले राज्य में कुल 3,33,99,591 मतदाता थे, जो अब घटकर 3,13,87,034 रह गए हैं। ड्राफ्ट सूची में 1,60,19,176 पुरुष, 1,53,65,083 महिला और 2,775 तृतीय लिंग (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं।

क्यों हटाए गए 20.13 लाख नाम?

चुनाव आयोग के मुताबिक हटाए गए वोटरों में 8.32 लाख मतदाताओं का निधन हो चुका है। वहीं 10.07 लाख मतदाता दूसरे स्थान पर चले गए या अपने पते पर नहीं मिले। 1.58 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। करीब 14 हजार लोगों ने निर्धारित समय सीमा (28 जून) तक एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया।

Updated on:
06 Jul 2026 10:30 am
Published on:
06 Jul 2026 08:58 am