
पंजाब (Punjab) में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियों की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इसी बीच बीजेपी (BJP) ने सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों (Kewal Singh Dhillon) ने मंगलवार को कहा, "2027 में राज्य के चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी पूरी तरह तैयार है। हम सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। गठबंधन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है, बीजेपी सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।"
पिछले कुछ दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि पंजाब में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के बीच गठबंधन देखने को मिल सकता है और इस विषय में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले की भी चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि पंजाब बीजेपी शुरू से ही अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की पैरवी कर रही थी, लेकिन कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) की मुलाकात और इसके बाद शिरोमणि अकाली दल का महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में खड़े होना दोनों दलों के बीच बढ़ती नज़दीकी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था।
पंजाब में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल पहले गठबंधन सहयोगी थे। हालांकि कृषि कानूनों को लेकर पैदा हुए मतभेदों के कारण 2020 में दोनों पार्टियाँ एक-दूसरे से अलग हो गई थीं। शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने कहा था कि वो किसानों के परिवार से आते हैं और किसानों की मदद के लिए बीजेपी से अलग हो रहे हैं।
बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के रणनीतिकार मानते हैं कि पंजाब में दोनों पार्टियों का गठबंधन चुनाव के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। बीजेपी को राज्य के शहरी इलाकों में मज़बूत माना जाता है, जबकि शिरोमणि अकाली दल की पकड़ ग्रामीण और पारंपरिक सिख मतदाताओं के बीच रही है। ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों दलों का सामाजिक और भौगोलिक आधार एक-दूसरे का पूरक बन सकता है।