नवाब मलिक बीते एक महीने से समीर वानखेड़े पर लगातार सीधा हमला बोल रहे हैं। इस मामले में हाल ही में समीर के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक पर मानहानि का मुकदमा दायर कराया, इसी को लेकर हाईकोर्ट ने मलिक को जवाब देने के लिए 8 नवंबर तक का वक्त दिया है
नई दिल्ली। एनसीबी ( NCB ) ऑफिसर समीर वानखेड़े ( Sameer Wankhede ) पर निजी हमले करने के मामले में अब महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेसी नेता नवाब मलिक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव की ओर से नवाब मलिक ( Nawab Malik ) पर लगाए गए मानहानि मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ( Bombay High Court ) ने एनसीपी नेता से 9 नवंबर तक जवाब मांगा है।
नवाब मलिक बीते एक महीने से समीर वानखेड़े पर लगातार सीधा हमला बोल रहे हैं। इस मामले में हाल ही में समीर के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक पर मानहानि का मुकदमा दायर कराया।
सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाब मलिक से जवाब मांग लिया है। कोर्ट ने जवाब दायर करने के लिए मंगलवार तक का वक्त दिया है। इसके बाद 10 नवंबर को फिर केस की सुनवाई की जाएगी।
कोर्ट ने दिया ये तर्क
मामले की सुनवाई जस्टिस जामदार की वैकेशन बेंच ने की। कोर्ट ने मलिक के सामने ये तर्क दिया 'अगर आप ट्विटर पर रिप्लाई कर सकते हैं, तो यहां भी जवाब दें।' हालांकि, कोर्ट ने मलिक के आगे किसी बयान पर रोक लगाने का आदेश जारी नहीं किया।
याचिका में मलिक पर लगे ये आरोप
मानहानि केस में नवाब मलिक पर पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर समीर वानखेड़े के परिवार के सदस्यों के नाम, चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। वानखेड़े के वकील के मुताबिक समीर के पिता ध्यानदेव की मांग है कि मलिक, उनकी पार्टी के नेताओं और अन्य सभी को उनके और उनके परिवार के खिलाफ मीडिया में कुछ भी आपत्तिजनक, मानहानिकारक सामग्री लिखने, बोलने या प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए।
यही नहीं समीर के पिता ने उच्च न्यायालय से अपील करते हुए कहा है कि मलिक के बयान और आरोप चाहे लिखित हो या मौखिक दोनों ने उनकी और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
ऐसे में लगाए आरोप प्रकृति में अत्याचारी और मानहानिकारक हैं। इसके साथ ही ध्यानदेव ने हाईकोर्ट से अपील करते हुए कहा कि मलिक के इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में दिए गए सभी बयान जल्द से जल्द हटाए जाएं।