
BPSC-TRE Protest: पटना में 70वीं BPSC और शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) के उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री और जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों और नौकरी चाहने वाले युवाओं की सभी मांगों और चिंताओं पर पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से ध्यान दे रही है। सभी प्रशासनिक और भर्ती प्रक्रियाएं तय नियमों, कानूनों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सख्ती से की जा रही हैं। विरोध कर रहे युवाओं से संयम बरतने की अपील करते हुए उन्होंने विपक्ष पर छात्रों के भविष्य के साथ राजनीति करने का आरोप लगाया।
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने इतने बड़े पैमाने पर युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 लाख सरकारी नौकरियां देने का संकल्प लिया था, जबकि अब तक लगभग 11 लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इसके अलावा, 25 लाख नौकरियों के लक्ष्य के मुकाबले राज्य में 40 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य 2025 से 2030 के बीच राज्य के युवाओं को 1 करोड़ सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि हाल ही में पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए चुने गए 2,000 से ज्यादा लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए और सफल उम्मीदवारों को सम्मानित किया गया। साथ ही 'जीविका' के जरिए 2,400 से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। वहीं, पटना के बापू सभागार में आयोजित एक मेगा जॉब फेयर के जरिए हजारों युवाओं को प्राइवेट और टेक्निकल सेक्टर में नौकरी के अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा काम हर दिन किसी न किसी रूप में आगे बढ़ रहा है।
मंत्री श्रवण कुमार ने विरोध कर रहे छात्रों से अपील की कि वे गुमराह न हों और न ही राजनीतिक चालों का शिकार बनें। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का युवाओं को नौकरी देने का कोई इरादा नहीं है। वे केवल अपनी राजनीति के लिए छात्रों के संघर्ष और कड़ी मेहनत का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ऐसे राजनीतिक तत्वों से सावधान रहें और सरकार पर भरोसा रखें।
70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने और TRE-4 शिक्षक भर्ती के लिए एक ही चरण की परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थी मंगलवार को सड़क पर उतर आए। गांधी मैदान से राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए, नाराज छात्रों ने सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को रोकने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बैरिकेड लगाने और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।