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BPSC Students Protest: 70वीं BPSC पर फिर भड़का गुस्सा: पटना में अभ्यर्थियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, राजभवन मार्च से बढ़ा तनाव

BPSC Latest News: पटना में 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा फिर सड़क पर दिखा। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर गांधी मैदान से राजभवन मार्च कर रहे छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर डटे रहे।
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पटना

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Manoj Vashisth

Aug 25, 2026

BPSC Students Protest

BPSC Students Protest

BPSC Exam Scam: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष एक बार फिर सड़क पर उतर आया है। मंगलवार को पटना के गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़ रहे छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की जांच तथा परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की।

BPSC Students Protest: बैरिकेडिंग टूटी तो बढ़ा तनाव

गांधी मैदान से निकला छात्रों का मार्च जैसे-जैसे आगे बढ़ा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी बढ़ता गया। जेपी गोलंबर और आसपास के इलाकों में पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए थे। छात्रों ने इन्हें पार करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शन को देखते हुए डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर और राजभवन मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाया गया।

प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और छात्रों से बातचीत के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की गई।

आखिर 70वीं BPSC को लेकर इतना बड़ा विवाद क्यों?

70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को बिहार के 900 से अधिक केंद्रों पर आयोजित हुई थी। परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर केंद्र पर कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र से जुड़ी शिकायतों के बाद विवाद गहरा गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों ने पूरे राज्य के लिए दोबारा परीक्षा कराने की मांग उठाई। दिसंबर 2024 के अंत में आंदोलन इतना बढ़ गया था कि पटना में छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ तथा पानी की बौछार और बल प्रयोग की स्थिति भी बनी।

विवाद के बाद BPSC ने 4 जनवरी 2025 को पुनर्परीक्षा आयोजित की। आयोग के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर में 13 दिसंबर 2024 और 4 जनवरी 2025 दोनों तिथियों को 70वीं CCE की प्रारंभिक परीक्षा के रूप में दर्ज किया गया है। परीक्षा में 2,035 पदों पर भर्ती का प्रावधान था।

छात्रों की मांग सिर्फ परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उनका तर्क है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में छोटी-सी गड़बड़ी भी हजारों उम्मीदवारों के वर्षों के परिश्रम और भविष्य को प्रभावित कर सकती है।

इसी मुद्दे पर पहले भी विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा रद्द करने, कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी मांगें उठाई थीं।

मामला अदालत तक भी पहुंचा

70वीं BPSC परीक्षा को लेकर विवाद सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। पटना हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में परीक्षा प्रक्रिया में कथित प्रशासनिक अव्यवस्था, केंद्रों पर कुप्रबंधन, उत्तरों के मूल्यांकन, पेपर लीक की आशंका और मेरिट तैयार करने की प्रक्रिया समेत कई मुद्दे उठाए गए। अदालत के रिकॉर्ड में 13 दिसंबर 2024 की परीक्षा और 4 जनवरी 2025 की पुनर्परीक्षा दोनों का उल्लेख है।

यानी छात्रों की नाराजगी के पीछे केवल एक दिन की परीक्षा का विवाद नहीं है। इसके केंद्र में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता, समान अवसर और आयोग की जवाबदेही जैसे बड़े सवाल भी हैं।

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