
सुप्रीम कोर्ट (Photo- IANS)
Supreme Court on TMC Rebel MPs: सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका पर 20 बागी TMC सांसदों से जवाब मांगा है। याचिका में पार्टी की ओर से उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला लेने में हो रही देरी को चुनौती दी गई है।
अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उनके समक्ष लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष और सदन के महासचिव की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में पेश हुए। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI) और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल को इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से निर्देश प्राप्त करने को कहा है।
लोकसभा अध्यक्ष और सदन के महासचिव की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत TMC द्वारा दायर अयोग्यता याचिकाओं पर लोकसभा अध्यक्ष पहले ही 20 सांसदों को नोटिस जारी कर चुके हैं। इस पर न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा, 'सवाल नोटिस जारी करने का नहीं है, सवाल तय समयसीमा के भीतर कार्यवाही पूरी करने का है।'
सुनवाई के दौरान पीठ ने संकेत दिया कि वह अभिषेक बनर्जी की रिट याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के पक्ष में है। हालांकि, मेहता ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष या उनके कार्यालय को अलग से नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं है और वह अध्यक्ष की ओर से अदालत में पेश होंगे। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि उन्हें अदालत को यह सूचित करने के निर्देश मिले हैं कि लोकसभा अध्यक्ष अयोग्यता याचिकाओं पर पहले ही नोटिस जारी कर चुके हैं।
अभिषेक बनर्जी ने बागी सांसदों के खिलाफ चल रही अयोग्यता की कार्यवाही में कथित देरी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कार्यवाही जल्द पूरी करने का निर्देश देने की मांग की है।
TMC ने 20 सांसदों पर पार्टी छोड़ने और बाद में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का आरोप लगाया है। बनर्जी ने दावा किया है कि सांसदों का यह आचरण संविधान में निर्धारित दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत अयोग्यता का आधार बनता है।
याचिका में लोकसभा अध्यक्ष और सदन के महासचिव को मुख्य प्रतिवादी बनाया गया है। इसके अलावा उन 20 सांसदों को भी पक्षकार बनाया गया है, जिनकी अयोग्यता की मांग की गई है।
इन सांसदों में काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, प्रसून बनर्जी, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, अधिकारी दीपक देव, सायनी घोष, बापी हलदर, मोहम्मद अबू ताहेर खान, कालीपद सरन खेरवाल, असीत कुमार माल, जून मालिया, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, माला रॉय, शर्मिला सरकार और पठान यूसुफ शामिल हैं। TMC में यह बगावत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद सामने आई है।
Updated on:
25 Aug 2026 12:56 pm
Published on:
25 Aug 2026 12:43 pm
