
प्रशांत किशोर (फ़ोटो- IANS)
Prashant Kishor on Bihar Student Protest: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) के नियमों में बदलाव और पेपर लीक को लेकर पटना में छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को छात्रों ने पटना की सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने सरकार और प्रशासन की आलोचना की। प्रशांत किशोर ने कहा कि देश और राज्य के युवाओं ने अपने संघर्ष से लोकतंत्र की असली ताकत दिखाई है और सरकार व प्रशासन दोनों को बैकफुट पर ला दिया है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन-चार सालों में बिहार में जब भी किसी ने अपनी शिकायतों को लेकर धरना या विरोध-प्रदर्शन किया, तो प्रशासन ने बातचीत के बजाय लाठीचार्ज का सहारा लिया। हालांकि, पिछले दो-तीन महीनों में देश भर के युवाओं ने जिस एकता और संकल्प के साथ अपनी आवाज उठाई है, उसने पूरे सिस्टम को अपने नजरिए पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि सरकार और प्रशासन को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने से पहले दो बार सोचना पड़ता है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों की एक बड़ी जीत है।
छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उम्मीदवारों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। सरकार अपनी नीतियों से छात्रों की इस नाराजगी को हमेशा के लिए नहीं दबा सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना के गर्दनीबाग तक जो प्रदर्शन हो रहे हैं, वे न तो सामान्य हैं और न ही अलग-थलग, बल्कि ये उस गुस्से का नतीजा हैं जो लंबे समय से युवाओं के बीच पनप रहा था।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पूरे देश में शिक्षा का बड़े पैमाने पर निजीकरण हुआ है और कोचिंग संस्थानों की बाढ़ ने इसे पूरी तरह से एक व्यवसाय बना दिया है। इसके अलावा, बार-बार पेपर लीक होने और बढ़ती बेरोजगारी ने युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। इसी वजह से देश के युवाओं का एक बड़ा वर्ग मौजूदा व्यवस्था और प्रशासनिक नीतियों से बेहद नाराज है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर समय रहते नीतियों में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में सड़कों पर और भी बड़े और उग्र छात्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेंगे।
छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा, प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार के प्रस्तावित 11 सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों के आंदोलन का भी समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आम परिवारों और मध्यम वर्गीय किसानों की जमीन को बहुत कम कीमत पर हथियाने और उसे बड़े उद्योगपतियों व बिल्डरों को सौंपने की एक साजिश है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के नाम पर जमीन के लेन-देन पर एक साल की रोक लगा दी गई है, जिससे किसानों और आम जनता में भारी नाराजगी है। सरकार को इन नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए और आम लोगों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
Updated on:
25 Aug 2026 08:24 pm
Published on:
25 Aug 2026 08:24 pm
