
पाकिस्तान और दक्षिण एशिया में हमास की मौजूदगी पर इजराइल चिंतित, photo credit: IANS
Hamas Pakistan Nexus: भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान और दक्षिण एशिया में हमास की बढ़ती मौजूदगी को खतरनाक बताते हुए 7 अक्टूबर के हमलों के बाद आतंकवाद-रोधी सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है।
राजदूत रूवेन अजार ने 'उसानस फाउंडेशन' द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा में बात की, जिसने "द हमास-पाकिस्तान नेक्सस: एग्जामिनिंग नेटवर्क्स, ऑपरेशन्स, एंड स्ट्रेटेजिक कन्वर्जेंस इन साउथ एशिया" (हमास-पाकिस्तान गठजोड़: दक्षिण एशिया में नेटवर्क, ऑपरेशंस और रणनीतिक तालमेल की जांच) नाम से एक रिपोर्ट जारी की थी। इस चर्चा में प्रमुख विशेषज्ञों और अधिकारियों ने हमास और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क के बीच बढ़ते ऑपरेशनल, वैचारिक और रणनीतिक संबंधों तथा दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर उनके असर की जांच की।
रिपोर्ट में सार्वजनिक रैलियों, स्थानीय आतंकवादी समूहों के साथ गठबंधन और कश्मीर-फिलिस्तीन एकजुटता के नैरेटिव का फायदा उठाकर पाकिस्तान और दक्षिण एशिया में हमास की बढ़ती मौजूदगी का खुलासा किया गया। हमास के नेताओं, जिनमें नाजी जहीर और खालिद कद्दुमी शामिल हैं, ने खुले तौर पर सभाओं को संबोधित किया है। इनमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आयोजित सभाएं भी शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूहों के साथ वैचारिक संबंध भी बनाए हैं।
अजार ने अपने भाषण में दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया में आतंकवादी समूहों के बीच तालमेल की समझ को बेहतर बनाने में रिपोर्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर के हमलों ने आतंकवादी हलकों में हमास के प्रभाव और आकर्षण को बढ़ा दिया है और भारत और इजराइल के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग को और मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने भारत और इजराइल के लिए संयुक्त आतंकवाद-रोधी ढांचे को गहरा करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें बेहतर खुफिया जानकारी साझा करना, निगरानी सहयोग और तकनीकी सहयोग शामिल है। उन्होंने इस क्षेत्र में चीन के बेईदौ-3 (BeiDou-3) सैटेलाइट सिस्टम के बढ़ते महत्व और भारत की रणनीतिक और तकनीकी तैयारियों पर इसके असर की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने अंतरिक्ष और साइलेंट सर्विलांस कमांड को तुरंत चालू करने का आह्वान किया। उन्होंने दूर से सटीक हमला करने में सक्षम विशेष ड्रोन-मिसाइल फोर्स के विकास और स्पेस, साइबर तथा लगातार इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही (ISR) क्षमताओं में निरंतर निवेश की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
Updated on:
25 Aug 2026 08:29 pm
Published on:
25 Aug 2026 08:27 pm
