Union Budget 2026: वित्त मंत्री के 81 मिनट लंबे बजट भाषण में वेतन आयोग के बजाय व्यापक आर्थिक मुद्दों पर जोर रहा।
8th Pay Commission: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश इस बजट में सरकार की आर्थिक प्राथमिकताएं, सुधार एजेंडा और फिस्कल रोडमैप सामने रखा गया।
सरकारी परंपरा के मुताबिक, किसी भी बड़े वित्तीय फैसले से पहले सरकार आमतौर पर पे कमीशन (वेतन आयोग) की सिफारिशों का इंतजार करती है। इसी कारण इस बजट में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई।
वित्त मंत्री के 81 मिनट लंबे बजट भाषण में वेतन आयोग के बजाय व्यापक आर्थिक मुद्दों पर जोर रहा। प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार रहीं—आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की टाइमलाइन में बदलाव, फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार, रेयर अर्थ कॉरिडोर से जुड़े नए प्लान।
बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने भविष्यदृष्टि वाला (forward-looking) बताया। वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बजट को फीका करार देते हुए कहा कि इसमें गरीबों के लिए कोई ठोस और प्रभावी सुधार नहीं दिखता।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आठवें वेतन आयोग के संबंध में नवीनतम घटनाक्रम अक्टूबर 2025 में सामने आया, जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दी। इससे आयोग के लिए वेतन संरचनाओं की जांच करने और संशोधन की सिफारिश करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार ने अभी तक यह संकेत नहीं दिया है कि यदि कोई संशोधित वेतनमान लागू होता है तो वह कब से प्रभावी होगा।
आयोग की सिफारिशों से रक्षा बलों के कर्मियों सहित लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों के प्रभावित होने की उम्मीद है। कर्मचारियों के बीच हुई अधिकांश चर्चा बकाया वेतन को लेकर केंद्रित रही है।