
Cabinet Decisions: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि केंद्रीय कैबिनेट ने चार अहम फैसलों को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि इनमें से दो फैसले देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को काफी मजबूत करेंगे, रोजगार पैदा करेंगे और मैन्युफैक्चरिंग के जरिए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा तीसरा फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में कैपेसिटी बिल्डिंग और स्थानीय योजना, स्थानीय समस्याओं और स्थानीय संसाधनों के आधार पर विकास को बढ़ावा देने से जुड़ा है। चौथा फैसला केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ा है।
ग्रामीण विकास और शासन को मजबूत करने के लिए 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' (PM VGSY) के तहत 7,395.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर योजना बनाने और तालमेल बिठाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ग्राम पंचायतों की होगी। इससे गांवों का समग्र विकास हो सकता है।
डिजिटल और व्यापक विकास के लिए 'ई-ग्राम स्वराज पोर्टल' पर हर साल 2.55 लाख ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के निर्माण में सहायता मिलेगी। यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी, जिसमें वे पारंपरिक ग्रामीण स्थानीय निकाय क्षेत्र भी शामिल हैं जहां पंचायतें नहीं हैं। इस योजना से देश भर के लगभग 2.55 लाख पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों के करीब 32 लाख चुने हुए प्रतिनिधियों को सीधा फायदा मिलेगा।
देश में कंटेनर बनाने के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम को मंजूरी दी है। इसके तहत देश में कंटेनर बनाने के लिए नई फैक्ट्रियां लगाने और पहले से चल रही इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद दी जाएगी। योजना के तहत नई फैक्ट्री लगाने या मौजूदा फैक्ट्री की क्षमता बढ़ाने के लिए लिए गए लोन पर सरकार सालाना 3 फीसदी ब्याज सहायता देगी।
खेल सामान बनाने के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये की 'खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' को मंजूरी दी है। इसके तहत खेलों का सामान बनाने वाली कंपनियों को निवेश, उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, रिसर्च, डिजाइन, गुणवत्ता जांच और अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन हासिल करने में मदद दी जाएगी।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशन पाने वालों की महंगाई राहत (DR) में 3 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मौजूदा 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगी।