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कावेरी जल विवाद पर बोले मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार- ‘कानून का सम्मान करेंगे, राज्य के हितों से समझौता नहीं’

DK Shivakumar Karnataka CM: कावेरी जल विवाद पर सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक कानून का सम्मान करेगा, लेकिन राज्य और किसानों के हितों से समझौता नहीं होगा।
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Updated: 2 Aug 2026, 4:59 PM IST
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डी.के. शिवकुमार, मुख्यमंत्री कर्नाटक (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Cauvery Water Dispute: कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने कर्नाटक के हित में सरकार के साथ मिलकर काम करने और हर मुद्दे पर मार्गदर्शन देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य के हित में कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं जिन्हें सरकार ने नोट किया है और उन पर अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के साथ-साथ कानून और अदालत के आदेशों का भी सम्मान करेगी।

यह ऐतिहासिक बैठक थी

बेंगलुरु में बैठक के बाद डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की ऐतिहासिक बैठक थी। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने भरोसा दिलाया है कि वे कर्नाटक के हित में सरकार के साथ खड़े रहेंगे और हर जरूरी मुद्दे पर मार्गदर्शन देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में कई मूल्यवान सुझाव मिले हैं और सरकार उन सभी पर गंभीरता से विचार करेगी।

CWMA के आदेश पर क्या बोले?

मुख्यमंत्री ने बताया कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) से कर्नाटक को आदेश मिला है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की ओर से करीब 9 TMC पानी की मांग की गई थी लेकिन अंततः प्राधिकरण ने 15 दिनों के लिए 4 TMC पानी छोड़ने का आदेश दिया है।

पेयजल के लिए 36 TMC पानी जरूरी

डी.के. शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु समेत पूरे कावेरी बेसिन में पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए राज्य को करीब 36 TMC पानी की आवश्यकता है। इसके अलावा करीब 4 TMC पानी वाष्पीकरण और अन्य आंतरिक जरूरतों के लिए सुरक्षित रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखकर सरकार आगे का फैसला ले रही है।

तमिलनाडु की जल खपत पर रखेंगे नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार तमिलनाडु में पानी के इस्तेमाल पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि वहां कितनी कृषि भूमि पर खेती की जा रही है और कितनी क्षमता के अनुसार पानी का उपयोग हो रहा है, इन सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और कावेरी से जुड़े नियामक प्राधिकरण भी तमिलनाडु समेत सभी पहलुओं पर नजर रख रहे हैं। कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता है।

मेकेदातु परियोजना और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का किया जिक्र

डी.के. शिवकुमार ने कहा कि बैठक में यह भी सलाह दी गई कि मेकेदातु परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरा उपयोग किया जाए क्योंकि वही देश का कानून है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करेगी।

177 TMC पानी छोड़ना हमारी कानूनी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार कर्नाटक का तमिलनाडु को 177 TMC पानी छोड़ना कानूनी दायित्व है। उन्होंने कहा, "हम देश के कानून और न्यायालय के फैसलों का सम्मान करना चाहते हैं।" साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

किसानों और जनता को निराश नहीं करेंगे

डी.के. शिवकुमार ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार राज्य के किसानों और आम लोगों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों और जनता को निराश नहीं करेगी और राज्य के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।

Updated on:
2 Aug 2026, 4:59 PM IST
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