
CBFC New Board 2026: केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का नए सिरे से गठन किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 18 सदस्यों वाले नए बोर्ड को तीन साल के कार्यकाल के लिए गठित किया है। नए बोर्ड में अभिनेता मनोज जोशी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और प्रोसेनजीत चटर्जी के अलावा फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन, संगीतकार रिकी केज और थिएटर जगत से जुड़े लोग शामिल हैं। CBFC में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब फिल्मों के प्रमाणन, कट्स और रिलीज में देरी को लेकर बोर्ड की भूमिका लगातार चर्चा में रही है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, बोर्ड का पुनर्गठन काफी समय से लंबित था। पिछली बार CBFC का पुनर्गठन 2017 में हुआ था, तब बोर्ड में 12 सदस्य थे। मंत्रालय ने बताया कि नया बोर्ड सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 3(1) और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) नियम, 2024 के नियम 3 के तहत गठित किया गया है। नए बोर्ड का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से शुरू होगा और यह तीन साल या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
18 सदस्यीय नए CBFC बोर्ड में फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल किए गए हैं। इनमें अभिनेता मनोज जोशी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी और प्रोसेनजीत चटर्जी प्रमुख हैं। इसके अलावा फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन, संगीतकार रिकी केज और थिएटर जगत से जुड़े सदस्यों को भी बोर्ड में जगह दी गई है।बोर्ड की संरचना बदली है, लेकिन CBFC की कानूनी भूमिका में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बोर्ड अब भी सिनेमैटोग्राफ अधिनियम और 2024 के प्रमाणन नियमों के तहत फिल्मों के प्रमाणन का काम करेगा।
CBFC के नए गठन के बीच फिल्मों के प्रमाणन को लेकर हाल के विवादों का जिक्र भी महत्वपूर्ण है। दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज', जिसे पहले 'पंजाब 95' कहा जाता था, 2022 में CBFC के पास प्रमाणन के लिए भेजी गई थी। फिल्म लंबे समय तक प्रमाणन प्रक्रिया में अटकी रही। फिल्म के निर्माताओं ने दावा किया था कि CBFC की ओर से फिल्म में 127 कट्स की मांग की गई थी। फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने भी इस मांग को लेकर सार्वजनिक तौर पर आपत्ति जताई थी। जुलाई 2026 में फिल्म 'सतलुज' नाम से ZEE5 पर रिलीज हुई। निर्माताओं के मुताबिक, रिलीज किया गया वर्जन बिना कट के था। हालांकि, रिलीज के करीब 48 घंटे बाद फिल्म को भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।