
सीएम विजय और राहुल गांधी (Photo-IANS)
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में टीवीके और कांग्रेस के बीच 2029 के लोकसभा चुनाव में पीएम पद के चेहरे को लेकर मतभेद बुधवार को खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सेल्वापेरुंथगई ने स्पष्ट कहा कि गठबंधन में शामिल दलों को राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर स्वीकार करना होगा। दरअसल, कांग्रेस और TVK नेताओं के बीच पीएम पद को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है।
कांग्रेस नेता सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि सहयोगी दलों को राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर स्वीकार करना होगा। अगर ऐसा नहीं है तो गठबंधन में रहने की जरूरत ही क्या है?
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को उन्हीं दलों के साथ गठबंधन करना चाहिए, जो खुले तौर पर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में स्वीकार करें।
बता दें कि तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके के बीच गठबंधन है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने दोनों दलों के बीच किसी तरह के मतभेद या गठबंधन में दरार की अटकलों को खारिज करने की कोशिश की।
सेल्वापेरुंथगई के बयान की अहमियत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब सेल्वापेरुंथगई कौन हैं? पहले उन्होंने कोई भी पद संभाला हो, लेकिन अभी यह महत्वपूर्ण नहीं है।
चक्रवर्ती ने कहा कि TVK और कांग्रेस के बीच कोई भ्रम नहीं है और गठबंधन मजबूत है। उन्होंने हाल ही में हुई समन्वय बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें गठबंधन के नाम पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया गया था।
उन्होंने कहा कि सब ठीक है। हमारा गठबंधन मजबूत है। चक्रवर्ती ने यह भी बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की है और उनके साथ तमिलनाडु की राजनीति पर चर्चा की है।
TVK और कांग्रेस गठबंधन को 9 सितंबर को चेन्नई में हुई बैठक में औपचारिक रूप से 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' नाम दिया गया था। इस गठबंधन के अध्यक्ष विजय हैं। बैठक में तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर और कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती समेत कांग्रेस के नेता शामिल हुए थे।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी विजय को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश किए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपने नेता को आगे बढ़ाने और उनकी महत्वाकांक्षाओं की बात करने का अधिकार है, लेकिन प्रधानमंत्री का चयन अंततः लोकसभा चुनाव के बाद सदन में उपलब्ध संख्याबल के आधार पर होता है।
चिदंबरम ने कहा कि हर पार्टी अपने नेताओं की तारीफ करेगी और उन्हें आगे बढ़ाने की आकांक्षा रखेगी। लेकिन प्रधानमंत्री वही बन सकता है, जो ऐसी पार्टी या राजनीतिक गठबंधन का नेता हो, जिसके पास लोकसभा में बहुमत का समर्थन हासिल करने की क्षमता हो।
Updated on:
16 Sep 2026, 5:47 PM IST
Published on:
16 Sep 2026, 5:47 PM IST
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