
NEET Paper Leak: केंद्रीय जांच ब्यूरो ने नीट यूजी पेपर लीक के कथित सरगना की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। रसायन विज्ञान के शिक्षक पीवी कुलकर्णी, जो मूल रूप से लातूर के रहने वाले हैं। महाराष्ट्र के पुणे में काम करते थे और वहीं से पकड़े गए। जांच एजेंसी ने शुक्रवार शाम को बताया कि कुलकर्णी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे। इस प्रकार उनके पास प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी। उनके बारे में इससे अधिक जानकारी साझा नहीं की गई।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में उसने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को संगठित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर उन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं।
कुलकर्णी ने कथित तौर पर इन विशेष कक्षाओं के दौरान प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए थे। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों ने उनके द्वारा लिखवाए गए इन विवरणों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा था और ये NEET-UG 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से बिल्कुल मेल खाते हैं।
3 मई को यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनको बाद में रद्द कर दिया गया। 22 लाख से अधिक छात्रों ने यह परीक्षा दी थी। अब इसे 21 जून को दोबारा आयोजित किया जाएगा।
7 मई को राजस्थान में मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया। सीबीआई द्वारा साझा किए गए विवरणों में कहा गया है कि जांच के दौरान सीबीआई ने देश भर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किए, जिसके बाद कुलकर्णी तक पहुंचने में सफलता मिली।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की औपचारिक शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 12 मई को मामला दर्ज किया। इसके बाद विशेष टीमें गठित की गईं। 14 मई तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। इनमें से पांच आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है और विस्तृत पूछताछ के लिए सात दिनों की हिरासत में भेज दिया गया है।