cbi director tenure extended: केंद्र सरकार ने सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया है। अब वे मई 2027 तक पद पर रहेंगे।
केंद्र सरकार ने सीबीआई के निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। उनका दो साल का कार्यकाल 24 मई 2026 को खत्म होने वाला था, लेकिन अब वे मई 2027 तक इस अहम पद पर बने रहेंगे।
यह फैसला तब आया है जब नए निदेशक को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने मंगलवार को बैठक की, लेकिन नए उम्मीदवार पर राय नहीं बन पाई। ऐसे में मौजूदा निदेशक को जारी रखना जरूरी समझा गया।
अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई जैसे संवेदनशील संगठन में अचानक बदलाव से कामकाज प्रभावित हो सकता था। प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।
प्रवीण ने मई 2023 में सीबीआई की कमान संभाली थी। इससे पहले वे कर्नाटक में डीजीपी रह चुके हैं। प्रवीण के पद संभालने के बाद से एजेंसी कई बड़े घोटालों, भ्रष्टाचार के मामलों और राज्यों से जुड़े विवादों में चर्चा में रही है। सूद के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जांच पूरी हुईं, जिनमें आर्थिक अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और अंतरराज्यीय मामले शामिल हैं।
सीबीआई डायरेक्टर के कार्यकाल में यह दूसरा विस्तार है। मई 2025 में भी उन्हें एक साल का विस्तार दिया गया था, क्योंकि उनके उत्तराधिकारी को लेकर कोई आम सहमति नहीं बन पाई थी।
बता दें कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अगले सीबीआई प्रमुख की चयन प्रक्रिया पर जोरदार आपत्ति जताई थी। इसके अगले दिन सरकार द्वारा यह बड़ा फैसला लिया गया है।
राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक के दौरान दो पन्नों का एक असहमति नोट भी सौंपा था। इस समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी शामिल थे।
अपने असहमति नोट में राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने चयन प्रक्रिया को महज एक औपचारिकता बनाकर रख दिया है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंचने से रोका गया।
राहुल ने कहा- मैं इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में हिस्सा लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से मुंह नहीं मोड़ सकता। उन्होंने सरकार पर CBI का दुरुपयोग करके विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया।