LPG किल्लत के समय केंद्र सरकार ने होटलों एवं रेस्टोरेंट्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके साथ की सरकार ने होटलों एवं रेस्टोरेंट्स को कड़ी फटकार लगाई है।
LPG Shortage: कुकिंग गैस की किल्लत के समय ग्राहकों से फायदा उठाने वाले होटल एवं रेस्टोरेंट्स के लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। इसके साथ ही सरकार ने आपदा को अवसर में बदलने की नीयत रखने वालों को कड़ी फटकार लगाई है। सरकार ने ऐसे लोगों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। दरअसल, किल्लत के समय होटल-रेस्टोरेंट्स आदि से LPG शुल्क वसूलने की शिकायतें मिली थीं। अब सरकार ने इस पर एक्शन लिया है।
सरकार ने ग्राहकों से LPG शुल्क वसूलने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। केंद्र सरकार ने सख्त एडवाइजरी जारी की है और इसे अनुचित व्यापार प्रथा बताते हुए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCA) ने उपभोक्ता बिलों में LPG शुल्क, गैस सरचार्ज और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने वाले होटलों और रेस्तरांओं का कड़ा संज्ञान लिया है। इस प्रथा को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत एक अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया है।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने कहा कि सेवा शुल्क पर मौजूदा दिशानिर्देशों से बचने के लिए ऐसे शुल्क डिफॉल्ट रूप से लगाए जा रहे हैं। CCA ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 10 के तहत जारी की नई एडवाइजरी में कहा कि ऐसा कोई भी शुल्क स्वचालित रूप से नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने सरचार्ज वसूलने की शिकायतों पर होलल-रेस्टोरेंट्स के खिलाफ एक्शन लिया है। CCA ने बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर पता चला कि कुछ होटल और रेस्तरां मेनू में प्रदर्शित भोजन और पेय पदार्थों की कीमत और लागू टैक्स के ऊपर, उपभोक्ता बिल में डिफॉल्ट रूप से ऐसे शुल्क लगा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं पर अनुचित लागत का बोझ पड़ता है।
CCA ने कहा कि ईंधन, LPG, बिजली और अन्य परिचालन व्यय जैसी इनपुट लागतें व्यवसाय चलाने की लागत का हिस्सा हैं और इन्हें मेनू आइटम की कीमतों में ही शामिल किया जाना चाहिए। अलग से अनिवार्य शुल्क के माध्यम से ऐसी लागतों की वसूली करना अधिनियम की धारा 2(47) के तहत एक अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाता है। कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में LPG शुल्क, गैस शुल्क या इसी तरह के शुल्क डिफॉल्ट रूप से या स्वचालित रूप से नहीं वसूलेगा। मेनू में प्रदर्शित कीमत ही अंतिम कीमत होगी, जिसमें केवल लागू टैक्स अलग से जोड़े जा सकते हैं।