भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि जनगणना अधिकारी मकान की बनावट से लेकर उसमें रहने वालों की बुनियादी जरूरतों तक की जानकारी जुटाएंगे।
Census 2027: देश में जनगणना 2027 की तैयारिया पूरी हो गई है। जनगणना के पहले चरण में जनता से क्या क्या सवाल पूछे जाएंगे, इसकी सूची सामने आ गई है। केंद्र सरकार ने एक राजपत्र अधिसूचना में 33 सवालों की पूरी सूची सार्वजनिक कर दी है। बता दें कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले पहले चरण में लोगों से यह सवाल पूछे जाएंगे। यह चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस' यानी घरों की गिनती और उनकी हालत का जायजा लेने से जुड़ा होगा।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि जनगणना अधिकारी मकान की बनावट से लेकर उसमें रहने वालों की बुनियादी जरूरतों तक की जानकारी जुटाएंगे। संशोधित योजना में इंटरनेट की सुविधा, मोबाइल नंबर और अनाज की खपत पर अलग-अलग प्रश्न जोड़े गए हैं। बैंकिंग सेवाओं से संबंधित एक प्रश्न को हटा दिया गया है जो 2011 की जनगणना का हिस्सा था।
जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा चयनित 30 दिनों की अवधि में संपन्न किया जाएगा। लोगों के पास 30 दिनों की गृह सूचीकरण अवधि शुरू होने से पहले 15 दिनों की अवधि के दौरान स्व-गणना का विकल्प भी होगा।
जनगणना मूल रूप से 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसमें देरी हुई। जातिगत विवरण शामिल करने के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति ने पिछले साल 30 अप्रैल को मंजूरी दी थी। हालांकि आंकड़ों का संग्रह 1 मार्च, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, अधिकारियों ने कहा कि परिणामों को संकलित करने और जारी करने की प्रक्रिया में दो से तीन साल लगेंगे।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भारत की जनगणना 2027 के संबंध में जानकारी एकत्र करने के लिए पूछे जाने वाले प्रश्नों की पूरी सूची यहां दी गई है: