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‘आज हमारी सरकार केंद्र में होती तो वे चंपत राय से खुद को अलग कर लेते’, इस्तीफे के बाद आया कांग्रेस का पहला बयान

Congress On Ram Mandir Controversy: राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार, RSS और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं।
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Jul 06, 2026
CONGRES ON CHAMPAT RAI
राम मंदिर ट्रस्ट

Champat Rai Resignation: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर आज केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती और ऐसी घटना हुई होती तो वह चंपत राय से खुद को अलग कर लेती।

पवन खेड़ा ने कहा, 'अगर आज केंद्र में हमारी सरकार होती और यह घटना हुई होती तो वे चंपत राय से खुद को अलग कर लेते। लेकिन आज उनकी सरकार है और जांच एजेंसियां भी उनके नियंत्रण में हैं इसलिए वे चंपत राय की तारीफ कर रहे हैं।'

लोगों की भावनाएं आहत हुईं-कांग्रेस


कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला सिर्फ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच का राजनीतिक विवाद नहीं है। उनके मुताबिक, सबसे बड़ा नुकसान उन लोगों का हुआ है, जिन्होंने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था। उन्होंने कहा कि उन श्रद्धालुओं की भावनाओं को सबसे ज्यादा ठेस पहुंची है।

पवन खेड़ा ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए, तब इसकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने दी। उन्होंने पूछा कि क्या कोषाध्यक्ष की इस पूरे मामले में कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर ट्रस्ट में वित्तीय फैसलों में कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर तक नहीं लिए जाते, तो फिर उनकी भूमिका क्या है।

'राम मंदिर ट्रस्ट पर अब भी संघ का प्रभाव'


कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट पर अब भी संघ का प्रभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में हुई कुछ नियुक्तियों और जमीन खरीद जैसे मामलों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर से कुछ दूरी पर 86 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई, जहां चारे की खेती की जा रही है। इस पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

पवन खेड़ा ने कहा कि राम मंदिर परियोजना की निगरानी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय और संघ से जुड़े लोगों की ओर से की जाती रही है। ऐसे में इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Updated on:
06 Jul 2026 08:47 pm
Published on:
06 Jul 2026 08:40 pm