School Evacuation: चंडीगढ़ के कई प्राइवेट स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों को खाली करवा कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
Hoax bomb threat: चंडीगढ़ में एक बार फिर से स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी (Chandigarh Bomb Threat) मिलने के बाद शहर में दहशत का माहौल (School Evacuation) है। शुक्रवार को चंडीगढ़ के कई नामी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के साथ-साथ पंजाब सिविल सचिवालय को एक धमकी भरा ईमेल मिला। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता का घबराना पूरी तरह से स्वाभाविक है और यह डर उचित भी है। हालांकि, हालात की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस(Chandigarh Police) और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है।
शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ के कई प्रमुख स्कूलों (जिनमें विवेक हाई स्कूल, कार्मेल कॉन्वेंट, डीपीएस, सेंट जॉन्स आदि शामिल हैं) के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश आया। ईमेल में चेतावनी दी गई थी कि दोपहर 1:11 बजे स्कूलों में और 3:11 बजे पंजाब सचिवालय में बम धमाके होंगे।
फिलहाल इस ईमेल को भेजने वाले की सटीक पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन साइबर सेल इसकी जांच कर रही है। ईमेल में "चंडीगढ़ स्कूल बम ब्लास्ट" जैसी सब्जेक्ट लाइन का इस्तेमाल किया गया था। इसमें 'खालिस्तान' का जिक्र करते हुए हरदीप सिंह निज्जर के लिए इंसाफ की मांग की गई थी। साथ ही, लोगों को "अपने बच्चों को बचाने" की चेतावनी दी गई थी।
खबर फैलते ही बदहवास अभिभावक अपने बच्चों को लेने स्कूलों की तरफ दौड़ पड़े, जिससे कई स्कूलों के बाहर भारी ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला।
जैसे ही स्कूलों ने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी, शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। एहतियात के तौर पर स्कूलों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उनके माता-पिता के साथ घर भेज दिया गया।
चंडीगढ़ पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत सभी प्रभावित स्कूलों और पंजाब सचिवालय को अपने घेरे में ले लिया। घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद, पुलिस को किसी भी स्कूल या सचिवालय परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में इस तरह की दहशत फैलाई गई हो। ठीक एक महीने पहले (जनवरी 2026) भी चंडीगढ़ के करीब 30 स्कूलों को इसी तरह के ईमेल भेजे गए थे, जो बाद में पूरी तरह से फर्जी (Hoax) साबित हुए थे। उस समय की जांच में सामने आया था कि वे ईमेल अमेरिका (US) के किसी आईपी एड्रेस से भेजे गए थे और इसके पीछे गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे तत्वों पर शक जताया गया था। मौजूदा मामले में भी पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है कि कहीं यह भी उसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है।
चंडीगढ़ पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि यह अमूमन शरारती तत्वों द्वारा डर का माहौल बनाने और सिस्टम को बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश होती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।