
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी गुरुवार देर रात रोपड़ जिले की एक खनन साइट पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि रात करीब 1 बजे भी वहां रेत की खुदाई हो रही थी और टिपर ट्रको की लंबी कतारें लगी थी। चन्नी ने दावा किया कि खनन से होने वाली कमाई सरकारी खजाने तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से 20 हजार करोड़ रुपये की खनन आय के दावे पर भी सवाल उठाए।
चन्नी ने बताया कि जब वे रात करीब 1 बजे उस खनन साइट पर पहुंचे, तो वहां धड़ल्ले से अवैध काम चल रहा था। बड़ी- बड़ी पोकलेन मशीनों से रेत की खुदाई की जा रही थी और रेत भरने के लिए टिपर ट्रकों की लंबी लाइन लगी हुई थी। पूर्व सीएम ने दावा किया कि उन्हें अचानक सामने देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ ड्राइवर अपनी मशीनें तथा अन्य उपकरण छोड़कर मौके से फरार हो गए। स्थिति का जायजा लेने के लिए चन्नी ने खुद वहां मौजूद कुछ ड्राइवरों को रोककर उनसे बातचीत भी की।
मौके की गंभीरता को देखते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने तुरंत फोन पर रोपड़ के डिप्टी कमिश्नर से संपर्क किया। उन्होंने डीसी को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर भेजने का अनुरोध किया। हालांकि, उनका आरोप है कि काफी लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
चन्नी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस साइट से रोजाना सैकड़ों टिपर रेत भरकर निकलते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस अवैध कारोबार से होने वाली भारी-कमाई सरकारी खजाने में जमा होने के बजाय सीधे आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और पंजाब के मुख्यमंत्री की जेब में जा रही है। खनन से हर साल 20,000 करोड़ रुपये की कमाई होने के राज्य सरकार के दावों पर तंज कसते हुए चन्नी ने सवाल उठाया कि अगर यह पैसा सरकारी खजाने तक नहीं पहुंच रहा है, तो आखिर यह जा कहां रहा है?
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह पूरा अवैध खनन खेल सरकारी संरक्षण और अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी अपने घरों में चैन की नींद सो रहे होते हैं, तब पंजाब के 'सफेद सोने' यानी रेत की अंधाधुंध लूट अंधेरे की आड़ में बेखौफ जारी रहती है। चन्नी ने यहां तक दावा किया कि इस अवैध कारोबार से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल 'AAP' पार्टी अपने दूसरे राज्यों के चुनावी अभियानों को वित्तपोषित करने के लिए कर रही है, जिससे पंजाब को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।