
Chirag Paswan on Delhi hotel case: जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव द्वारा बिहार सरकार के मंत्री और महुआ से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक संजय सिंह पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप पर केंद्रीय मंत्री व पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने सख्त रुख अपनाया है। चिराग पासवान ने कहा कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और उनकी पार्टी ऐसे मामलों में किसी का बचाव नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर निष्पक्ष जांच में उनके विधायक या पार्टी के किसी नेता को दोषी पाया जाता है, तो उस व्यक्ति को तुरंत मंत्री पद से हटवाया जाएगा, पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा और कानून के तहत सबसे कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और मर्यादा सर्वोपरि है, इसलिए वह किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उनके विधायक और बिहार सरकार के मंत्री पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी व्यक्ति भले ही उनकी पार्टी का हो या फिर उनके अपने परिवार का कोई सदस्य, वे किसी का बचाव नहीं करेंगे। पार्टी ने मंत्री संजय सिंह से इन आरोपों को लेकर जवाब मांगा है। मंत्री ने पार्टी फोरम पर अपनी बात रखी है और आरोप लगाने वाले नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज कराया है।
चिराग पासवान ने मामले की सच्चाई सामने लाने में सहयोग करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से अपील की। उन्होंने संबंधित युवती से आगे आने और सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने का आग्रह किया। उन्होंने उस होटल के प्रबंधन से भी सच्चाई बताने को कहा जहां कथित घटना हुई थी। चिराग पासवान ने मांग की कि बिहार सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्च-स्तरीय जांच कराए ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके।
चिराग पासवान ने कहा कि ऐसी घटानाओं से पूरे बिहार राज्य की छवि खराब होती है, इसलिए यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप मढ़ने से काम नहीं चलेगा, ठोस तथ्य भी सामने आने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी का कोई भी व्यक्ति जांच में दोषी साबित हुआ, तो उसे न सिर्फ पदमुक्त और पार्टी से निष्कासित किया जाएगा, बल्कि उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाने में सबसे अहम भूमिका खुद उनकी और उनकी पार्टी की होगी।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि महुआ से विधायक और बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह ने शराब के नशे में दिल्ली के एक बड़े होटल में एक महिला स्टाफ सदस्य के साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण की कोशिश की थी। तेज प्रताप का दावा है कि होटल स्टाफ के दखल के बाद स्थिति को काबू में किया गया और बाद में लगभग 25 लाख रुपये देकर मामले को दबा दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी दिल्ली में कई स्रोतों से मिली है और वे घटना का वीडियो फ़ुटेज हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
इन आरोपों के सामने आने के बाद मंत्री संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाते हुए अपने वकील के जरिए 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि तेज प्रताप यादव ने अपनी राजनीतिक खुन्नस और छवि धूमिल करने के उद्देश्य से बिना किसी साक्ष्य, शिकायतकर्ता, एफआईआर या होटल के नाम के पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं।
नोटिस में तेज प्रताप यादव से 7 दिनों के भीतर अपने सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और 50 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। ऐसा न करने पर सिविल और आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
मंत्री संजय सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार और चरित्र हनन की राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा था कि वे जनता को विश्वास दिलाते हैं कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं घटी और यह केवल उन्हें व बिहार सरकार के मंत्रिमंडल को बदनाम करने का षड्यंत्र है। संजय सिंह ने कहा था कि अगर कोई भी व्यक्ति मेरे नाम से इन आरोपों को साबित कर दे, तो वे राजनीति से तत्काल संन्यास ले लेंगे।