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नीट प्रदर्शनकारी छात्रों को बड़ी राहत के संकेत, FIR रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार, 1 सितंबर को सुनवाई

Jantar Mantar Protest FIR: जंतर-मंतर पर 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज FIR रद्द कराने केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। अनुच्छेद 142 के तहत मांग पर 1 सितंबर को सुनवाई होगी।
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भारत

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Rahul Yadav

Aug 31, 2026

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CJP नेता सौरव दास (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Jantar Mantar Protesters FIR Supreme Court: जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरकार ने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने यह मामला उठाया। उन्होंने अदालत से इस मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 1 सितंबर को करने पर सहमति जताई है।

अनुच्छेद 142 के तहत मांगी कार्रवाई

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर को रद्द करे। संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरी आदेश देने की शक्ति देता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि केंद्र एफआईआर रद्द कराने के लिए अंतरिम आवेदन दाखिल करना चाहता है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आवेदन दाखिल करने की अनुमति दी और मामले को अगले दिन सुनने की बात कही।

5 सितंबर के मार्च के बीच आया कदम

केंद्र का यह कदम ऐसे समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को दिल्ली में एक और मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाने का प्रस्ताव है। इसमें नीट परीक्षा से जुड़े मामलों के पीड़ित छात्रों के परिवार और पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि 5 सितंबर का मार्च सरकार की ओर से छात्रों और प्रदर्शनकारियों से किए गए वादों को पूरा कराने की मांग को लेकर होगा। संगठन ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया था।

एफआईआर को लेकर बना हुआ था विवाद

20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। प्रदर्शनकारी पक्ष की ओर से इन मामलों को वापस लेने की मांग की जाती रही है। अब केंद्र सरकार खुद सुप्रीम कोर्ट के सामने एफआईआर रद्द करने का अनुरोध लेकर पहुंची है। अदालत 1 सितंबर को इस पर सुनवाई करेगी।