
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। फोटो- आईएएनएस
Chirag Paswan: बिहार में आरक्षण की समीक्षा को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि समाज के हर वर्ग की चिंताओं को दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और ऊंची जाति से आने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए किया जाना चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों में अपने भविष्य को लेकर चिंताएं हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर वर्ग की चिंता दूर करे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि संवाद से ही समाधान निकलेगा। जो भी वर्ग अपनी चिंताओं को लेकर परेशान है, उससे संवाद होना चाहिए। संवाद के जरिए रास्ता जरूर निकलेगा। उन्होंने ऊंची जाति के लोगों की आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग का भी जिक्र किया।
चिराग ने कहा कि ऊंची जाति के लोगों की चिंताओं को दूर करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाने को लेकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इसके बावजूद यदि किसी वर्ग को कोई चिंता है तो उस पर भी विचार होना चाहिए। चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि किसी एक वर्ग की समस्या का समाधान दूसरे वर्ग के आरक्षण या संरक्षण को खत्म करके नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के संरक्षण के साथ-साथ पिछड़े और ऊंची जाति के लोगों की चिंताओं को भी मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि न मैं अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ अन्याय होने दूंगा, न पिछड़े वर्ग के साथ और न ही ऊंची जाति के साथ। चिराग ने कहा कि समाज में बिखराव पैदा करने की कोशिश को वह सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा जाति नहीं, बल्कि "जमात" की बात की है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही उनकी सोच है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र से भी जोड़ा।
चिराग पासवान ने बिहार सरकार में मंत्री और उनकी पार्टी के एक विधायक पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आरोप किसी भी व्यक्ति पर लगे हों, यदि वह उनकी पार्टी या परिवार का सदस्य भी हो तो वह उसका संरक्षण नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी ने संबंधित नेता से जवाब-तलब किया है और उन्होंने पार्टी मंच पर अपना पक्ष रखा है। साथ ही आरोप लगाने वाले नेता के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया गया है।
चिराग ने कहा कि मामले में आरोप लगाने वाली युवती को तथ्यों को सामने रखना चाहिए। जिस होटल में घटना होने का दावा किया गया है, उसके प्रबंधन से भी उन्होंने सहयोग की अपील की। उन्होंने बिहार सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्ति चाहे उनकी पार्टी का हो, किसी अन्य दल का हो या उनके परिवार का सदस्य ही क्यों न हो, वह उसका बचाव नहीं करेंगे।
Updated on:
31 Aug 2026 04:32 pm
Published on:
31 Aug 2026 04:32 pm
