
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (इमेज सोर्स: ani)
Bihar spurious liquor case: पटना के बाढ़ अनुमंडल के बेधना गांव में कथित तौर पर अवैध शराब पीने से चार युवकों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस घटना के बाद बिहार में शराबबंदी नीति और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी संग्राम शुरू हो गया है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शराबबंदी NDA नेताओं के लिए अवैध वसूली का जरिया बन गई है।
चार युवकों की मौत पर आपत्ति जताते हुए विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अवैध शराब से मौतें कोई नई बात नहीं हैं, ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अब तक अवैध शराब से 1500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार पूरी तरह चुप है। उन्होंने दावा किया कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और हर जगह प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि अक्सर गरीब, दलित और अति-पिछड़े समुदायों के लोग ही इस अवैध शराब के कारोबार का शिकार बनते हैं या पुलिस द्वारा जेल भेज दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों की कभी निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच नहीं होती क्योंकि NDA के मंत्री और अधिकारी शराब माफिया के साथ गहरे तौर पर मिले हुए हैं। शराबबंदी कानून असल में भ्रष्टाचार और अवैध कमाई का ज़रिया बनकर रह गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाढ़ थाना क्षेत्र के बेधना गांव में रविवार को एक कमरे में चार युवक साथ मिलकर नॉन-वेज पार्टी कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि चारों ने खाने के साथ शराब भी पी थी। शराब पीने के कुछ ही देर बाद चारों की तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश होकर गिर पड़े। घबराए परिजन उन्हें तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, हालांकि उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।
बताया जा रहा है कि पटना ले जाते समय ही रास्ते में चारों युवकों की मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि मौत जहरीली शराब के सेवन से ही हुई है, हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मामले की जांच चल रही है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई जगहों पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी लोग शराब पीते रहते हैं। लोगों को खुद भी समझना होगा कि जहरीली शराब से तुरंत मौत हो जाती है, जबकि सामान्य शराब पीने वाला व्यक्ति भी धीरे-धीरे मौत के मुंह में ही जाता है, इसलिए लोगों को इस लत से खुद को बचाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अब स्थानीय प्रशासन और सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वे इस बात की सघन जांच करें कि शराब कैसे बनाई गई और गांव तक कैसे पहुंची।
Updated on:
31 Aug 2026 04:26 pm
Published on:
31 Aug 2026 04:21 pm
