सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में इंतजार कर रहे वकील उस समय आश्चर्यचकित रह गए जब जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ अपनी दोनों बेटियों के साथ अदालत में पहुंचे।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और वकील उस समय आश्चर्यचकित रह गए, जब प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ अपनी दो बेटियों के साथ अदालत परिसर पहुंचे। सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ अपनी दो विकलांग बेटियों में (16) व प्रियंका (20) को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। उन्होंने इन्हें गोद ले रखा है। दोनों को वह व्हीलचेयर पर कोर्ट रूम नंबर एक में लाए और दिखाया कि कोर्ट में कैसे कामकाज होता है। उन्होंने यह भी दिखाया कि बतौर जज वह कहां बैठते हैं और वकील कहां से बहस करते हैं। हालांकि सर्दी के कारण सीजेआई ने दोनों को कुछ देर बाद ही वापस भेज दिया।
सूत्रों के मुताबिक, सुबह 10 बजे के करीब कोर्ट परिसर पहुंचे जस्टिस चंद्रचूड़ अपनी बेटियों को कोर्ट के निर्धारित समय साढ़े 10 बजे से पहले विजिटर गैलरी से होते हुए अपने कोर्ट रूम (प्रथम कोर्ट) ले गए। उनसे अपनी बेटियों को बनाया कि मैं यहीं बैठता हूं।
सीजेआई अपनी बेटियों को अपने कार्यस्थल के बारे में समझाते हुए अपने कक्ष में ले गए। उन्हें वह जगह भी दिखाया जहां न्यायाधीश बैठते हैं और जहां से वकील अपने मामलों की पैरवी करते हैं। हालांकि सर्दी होने के कारण CJI ने दोनों को सुप्रीम कोर्ट में ज्यादा नहीं घुमाया और फिर कुछ देर बाद ही वापस भेज दिया।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस चंद्रचूड़ की बेटियों ने सुप्रीम कोर्ट देखने की इच्छा जताई थी जिसके बाद वह उन्हें कोर्ट लेकर गए। अदालत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, बेटियों की इच्छा पूरी करने के लिए CJI उन्हें अदालत लेकर आए। जस्टिस चंद्रचूड़ ने 9 नवंबर को पद संभाला था और दो साल तक इस पद पर रहेंगे।