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CJP protest: ‘न खाना रोक सकते हैं, न प्रदर्शन’, CJP ने दिल्ली पुलिस पर खाने की सप्लाई रोकने का लगाया आरोप

Jantar Mantar protest: कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान खाने की सप्लाई रोकने और प्रदर्शनकारियों की मदद करने में बाधा डालने का आरोप लगाया है। पार्टी कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने पुलिस चेकपॉइंट और छात्रों को हिरासत में लेने का दावा किया। CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। वहीं, सोनम वांगचुक ने NEET मुद्दे पर 26 दिन का अनशन खत्म करने के बाद अपने फैसले का बचाव किया है।
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CJP protest at Jantar Mantar.
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका। (Photo - ANI)

CJP Ashutosh Ranka on Delhi Police: नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। CJP ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर लोगों को खाना पहुंचाने और प्रदर्शनकारियों की मदद करने से रोक रही है।

दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोलते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से करीब 5 किलोमीटर दूर कई चेकपॉइंट बनाए हैं, जहां प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे छात्रों को कथित तौर पर हिरासत में लिया जा रहा है।

आशुतोष रांका ने लिखा, 'प्रिय दिल्ली पुलिस, आप जो करना चाहते हैं कर लें। आप लोगों को जंतर-मंतर आने से नहीं रोक सकते। आप लोगों को खाना पहुंचाने से नहीं रोक सकते। आप लोगों को हमारी मदद करने से नहीं रोक सकते। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप प्रधान के इस्तीफे को नहीं रोक सकते। उन्हें जाना होगा।'

शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबे अनशन को खत्म करने के फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा था कि पार्टी का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।

दीपके ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर राहत जताई, लेकिन परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मुख्य मांग पर कायम रहने की बात कही। दीपके ने कहा, 'हमारा प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। हमें बहुत खुशी और राहत है कि सोनम सर ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, क्योंकि यह 26 दिनों से अधिक समय तक चला था। उनका जीवन देश के लिए बेहद कीमती है।'

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों के समर्थन में किए गए अपने 26 दिन के अनशन को खत्म करने के फैसले पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर निशाना साधा।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने यह भी सवाल किया कि उनके आंदोलन के प्रति समर्पण के लिए उन्हें किसी "चरित्र प्रमाण पत्र" की आवश्यकता क्यों है।

Updated on:
25 Jul 2026 11:41 am
Published on:
25 Jul 2026 11:32 am