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CJP फिर से आंदोलन करेगी, कहा- युवाओं पर कार्रवाई नहीं रुकी और शर्तें पूरी नहीं हुईं तो फिर सड़कों पर उतरेंगे

Cockroach Janata Party: CJP ने चेतावनी दी है कि युवाओं पर कार्रवाई नहीं रुकी और आंदोलन खत्म करते समय तय शर्तें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी फिर सड़कों पर उतरेगी। जानें अभिजीत दिपके और सौरव दास ने क्या कहा।
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Jul 30, 2026
Abhijeet Dipke Warns government
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके (Photo: IANS)

CJP Movement: जेन-जी आंदोलन में शामिल युवाओं पर पुलिस कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में जुट गई है। पार्टी को मंगलवार तक सरकार से आंदोलन खत्म करने के समय तय शर्तों को पूरा करने की लिखित गारंटी का इंतजार था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी कोई आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद बुधवार को पार्टी ने आगे की रणनीति पर चर्चा शुरू कर दी। पार्टी का कहना है कि युवाओं पर कार्रवाई नहीं रुकी और शर्तें पूरी नहीं हुईं तो फिर सड़कों पर उतरेंगे। बिहार में अनेक युवाओं की गिरफ्तार के खिलाफ आइसा की नेहा बोरा ने मोर्चा खोल रखा है। उनका साफ कहना है कि यदि युवाओं पर कार्रवाई नहीं रूकी और एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन होगा। नेहा भी अनशन करने वालों में शामिल रही हैं।

अभिजीत बोले, जल्द उतरेंगे सड़कों पर

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन में छात्रों का खून बहा है। सरकार ने यदि अब भी कार्रवाई नहीं रोकी तो पार्टी बहुत जल्द फिर सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन समाप्त करने के समय सरकार ने जिन शर्तों को स्वीकार किया था, उन्हें पूरा करना चाहिए।

सौरव बोले, छात्रों को अकेला नहीं छोड़ेगे

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि शर्तें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार को उन छात्रों पर कार्रवाई रोकनी चाहिए, जो आंदोलन में शामिल हुए थे। उनके खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों पर भी रोक की मांग की गई है।

सोनम वांगचुक से होगी सलाह

सीजेपी आंदोलन की अगली रणनीति बनाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी सलाह लेगी। पार्टी पहले उनकी राय लेगी और उसके बाद आगे के कदम तय किए जाएंगे। संभावना है कि एक-दो दिन में सरकार को अल्टीमेटम भी दिया जा सकता है। इसके बाद सरकार के रुख के आधार पर फैसला होगा।

पेंच यहां उलझा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहले से दर्ज एफआइआर में राहत नहीं दी जानी चाहिए। सरकार ने यह बात सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास को बताई है। दास का कहना है कि आंदोलन खत्म होने के समय तय शर्तों को उसी भावना से लागू किया जाना चाहिए। आंदोलन के दौरान और बाद में युवाओं पर कई एफआइआर दर्ज हुईं। कुछ लोगों को पुराने मामलों में भी आंदोलन में भागीदारी के आधार पर उठाया गया। इसके अलावा अन्य लोगों की ओर से दर्ज कराए गए मामलों ने भी स्थिति जटिल बना दी है। दिल्ली, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बंगाल में कार्रवाई जारी है। बुधवार को जंतर-मंतर आंदोलन में भोजन-पानी की मदद करने वाले मोहम्मद जुनैद ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस, विवादित कंटेंट हटाने के निर्देश

दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स को नोटिस जारी किया है। स्पेशल सेल की आइएफएसओ यूनिट ने बिना जांच-परख साझा की गई खबरों, फर्जी पोस्ट, एडिटेड तस्वीरों और डीपफेक वीडियो पर संज्ञान लेते हुए उन्हें तत्काल हटाने तथा संबंधित अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Updated on:
30 Jul 2026 06:50 am
Published on:
30 Jul 2026 06:50 am