स्थानीय संसाधनों से आकर्षक राखियां तैयार हो रही हैं। महिलाओं ने धान (Dhan), चावल, लालभाजी के बीज, खीरा के बीज, मयूर पंख, बांस तथा अन्य प्राकृतिक एवं सजावटी सामग्रियों से सुंदर और कलात्मक राखियां (Rakhi) बनाना सीखा। प्रशिक्षकों ने उन्हें डिजाइन चयन, रंग संयोजन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग तथा बाजार (Market) की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की बारीकियों की भी जानकारी दी।