
Mohammad Junaid Support Jharkhand Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा के परिणाम में हुई धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस प्रदर्शन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान चर्चाओं में आए मोहम्मद जुनैद भी पहुंचे है। उन्होंने जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान सोशल मीडिया पर मोहम्मद जुनैद काफी वायरल हुए थे। दरअसल, जुनैद प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों को खाना और पानी बांटने के कारण सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुए। प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस ने भी हिरासत में लिया था। जिसको लेकर भी काफी चर्चा हुई थी।
झारखंड में चल रहे प्रदर्शन पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि बीजेपी राजनीति करना चाहती है। अगर झारखंड में ऐसा होता है, तो हम जांच की मांग करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि हम केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी जांच के आदेश में सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन यह मुद्दा सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने के लिए उठाया जा रहा है। वे राहुल गांधी पर चुप रहने का इल्जाम लगाना चाहते हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता राधे कुमार ने कहा कि विधानसभा घेराव 10 तारीख को निर्धारित है। हाल ही में सरकार के अधिकारियों ने हमसे मुलाकात की थी और हमने उनके सामने अपनी मांगें रखी हैं। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो हम 10 तारीख को बड़ी संख्या में लाखों लोगों की भीड़ के साथ विधानसभा का घेराव करेंगे। इस घेराव का उद्देश्य छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना और उन्हें पूरा कराने के लिए दबाव बनाना है।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि JPSC, SSC और CGL की परीक्षाओं को रद्द किया जाए। इसके अलावा, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में टीडीपीएल कंपनी द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को भी रद्द किया जाए। हम अभय तिवारी से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं। साथ ही, पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग है।
छात्र नेता ने कहा कि इन परीक्षाओं को रद्द करने के बाद JPSC, SSC और CGL की भर्ती प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए। झारखंड बने 26 साल हो चुके हैं और इस पूरे दौरान छात्रों के साथ लगातार अन्याय होता रहा है। जब भी हमने विरोध-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज उठाई, हमारे आंदोलनों को दबाने की कोशिश की गई। लेकिन 2026 में इस आंदोलन को दबाया नहीं जा सकेगा, क्योंकि अब छात्र अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं।