
कांग्रेस विधायक बीआर पाटिल (Photo- ANI)
MLA BR Patil Karnataka Cabinet Expansion: कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र से चार बार के कांग्रेस विधायक बीआर पाटिल ने गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर गहरी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा किसानों, मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, लेकिन इसके बावजूद पार्टी हाईकमान ने उन्हें कैबिनेट में जगह देने पर तनिक भी विचार नहीं किया। बीआर पाटिल ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी सारी पीड़ा और संघर्ष अपने फेसबुक पेज पर साझा कर दिए हैं और अब कहने के लिए उनके पास कुछ नहीं बचा है।
बीआर पाटिल ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने उन्हें तीन बार भरोसा दिलाया था कि उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'सिद्धारमैया ने मुझे तीन बार आश्वासन दिया था कि मैं मंत्री बनूंगा। मैं भी चाहता था कि ऐसा हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
अपने फेसबुक पोस्ट में पाटिल ने यह भी लिखा कि मुख्यमंत्री बदलने के बाद उन्होंने नैतिक आधार पर प्लानिंग कमीशन से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि कांग्रेस नेतृत्व उनके लिए कोई दूसरा प्रस्ताव लेकर आएगा।
बीआर पाटिल ने दावा किया कि उन्होंने राज्य कांग्रेस नेतृत्व के सामने कथित वोट चोरी के एक मामले को प्रमुखता से उठाया था। बाद में इसी मुद्दे को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर उठाया।
इस मामले का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, 'वोट चोरी जैसा एक हथियार पकड़ा गया था। मैं इसे राज्य की पार्टी के पास लेकर गया। बाद में राहुल गांधी ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाया। उससे पहले कांग्रेस के लोग वोट चोरी की बात पर विश्वास नहीं करते थे, लेकिन मेरे मामले में सभी ने भरोसा किया क्योंकि मेरे पास इसके सबूत थे।'
पाटिल ने कहा कि उन्होंने लगातार किसानों, मजदूरों और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाए और उनके हितों के लिए काम किया। इसके बावजूद उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विचार नहीं किया गया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
Updated on:
06 Aug 2026 12:39 pm
Published on:
06 Aug 2026 12:39 pm
