
Agnimitra Paul: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और संसद में पेश 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के साथ हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं का सम्मान किया जाता है, लेकिन यदि कोई देश विरोधी तत्व छात्रों को गुमराह कर अपना एजेंडा आगे बढ़ाने और देश को अस्थिर करने की कोशिश करेंगे तो उन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मीडिया पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें किसी भी कानून के तहत राहत नहीं मिलेगी।
अग्निमित्रा पॉल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आंदोलन वास्तव में छात्रों के हितों के लिए है, तो फिर प्रदर्शन के दौरान अनुच्छेद 370 से जुड़े नारे क्यों लगाए जा रहे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और टीएमसी के नेता देश विरोधी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस बीच सोमवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश किया गया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' को नाकाफी बताते हुए कहा कि यह केवल 'मरहम-पट्टी' जैसा कदम है। उनके मुताबिक यदि सरकार वास्तव में शिक्षा व्यवस्था में सुधार चाहती, तो वह ऐसा व्यापक कानून लाती जो शिक्षा क्षेत्र की मूल समस्याओं का समाधान करता।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि आंगमो के साथ सोमवार को दिल्ली के राजघाट पहुंचे। उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और देश के युवाओं व नागरिकों को सफल सत्याग्रह के लिए बधाई दी।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि इस्तीफा केवल एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि अब समस्या को स्वीकार कर उसका समाधान खोजा जाए, तो देश की परीक्षा व्यवस्था और मजबूत बन सकती है। उनके अनुसार सरकार और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद है कि आपसी सहमति से बेहतर परीक्षा प्रणाली तैयार होगी।