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CJP प्रोटेस्ट खत्म होते ही E20 का मुद्दा गरमाया, क्या केंद्र सरकार को फिर से घेरने की है तैयारी

E20 Petrol Controversy: क्या एक बार फिर NEET पेपर लीक के बाद E20 के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी है? हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई है।
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भारत

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Saurabh Mall

Jul 27, 2026

Arvind Kejriwal

गरमाया E20 का मुद्दा। फोटो में अरविंद केजरीवाल (इमेज सोर्स-अरविंद केजरीवाल एक्स अकाउंट स्क्रीनशॉट)

Arvind Kejriwal E20 Campaign: नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी घमासान अभी पूरी तरह थमा भी नहीं है कि अब E20 पेट्रोल को लेकर नई बहस छिड़ गई है। देश की फ्यूल पॉलिसी एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को फिर से घेरने की तैयारी कर रहा है। E20 पेट्रोल को लेकर लोगों के मन में भी कई सवाल हैं। क्या यह सभी वाहनों के लिए सुरक्षित है? क्या इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा? और क्या सरकार ने इसे लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर पर्याप्त तैयारी की है? इन सवालों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह युवाओं की एकजुट आवाज से सरकार को झुकना पड़ा। उसी तरह अब E20 के मुद्दे पर भी लोगों को अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर जनता का समर्थन जुटाने के लिए ‘नेशनल टाउनहॉल’ आयोजित करने की घोषणा की है।

केजरीवाल का दावा है कि E20 नीति को लेकर लोगों के बीच कई सवाल हैं और सरकार को इनका जवाब देना चाहिए। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल से देश की तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को फायदा मिलेगा। क्योंकि E20 फ्यूल गन्ने को यूज करके बनाया जाता है।

केजरीवाल का E20 के खिलाफ ‘नेशनल टाउनहॉल’ अभियान

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस शनिवार यानी कि 1 अगस्त 2026 को E20 मुद्दे पर नेशनल टाउनहॉल आयोजित किया जाएगा। इसमें आम लोग, E20 के एक्सपर्ट और प्रभावित लोग अपनी राय रख सकेंगे। दिल्ली-NCR के लोग कार्यक्रम में सीधे शामिल हो सकते हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों से लोग ऑनलाइन जुड़ पाएंगे।

केजरीवाल ने आगे कहा कि उनकी पार्टी द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन याचिका को बड़ी संख्या में (2 लाख) लोगों का समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि वह इस मुद्दे से जुड़े लाखों लोगों के सुझाव प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे।

उन्होंने सरकार से अपील की कि E20 नीति पर जनता की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए। उनके अनुसार, लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इस नीति का वाहनों और आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा।

E20 नीति को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और बाकी पेट्रोल होता है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी। साथ ही प्रदूषण कम होगा और किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कई बार इस नीति का समर्थन कर चुके हैं। उनका कहना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।

वहीं, विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इस नीति पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने वाहनों में इंजन की समस्या, माइलेज में कमी और खेती में ज्यादा पानी की जरूरत जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।