
DGP अनुराग धनखड़ [डेथ केस अपडेट। फोटो सोर्स- X (@meevkt)
Tripura DGP Anurag Death Case Update: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच अब और तेज कर दी गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए पहले बनाई गई 3 सदस्यीय टीम का विस्तार करते हुए अब 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई टीम आधुनिक तकनीक और समन्वित तरीके से जांच को आगे बढ़ाएगी, ताकि मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा सके।
त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी अनुराग का शव 20 जुलाई को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उनके सरकारी चैंबर से जुड़े वॉशरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। इस घटना के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी।
24 जुलाई को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक ने इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम बनाई थी, जिसकी अगुवाई पश्चिम त्रिपुरा के पुलिस अधीक्षक (SP) नमित पाठक कर रहे थे। अब जांच को और प्रभावी बनाने के लिए इसी टीम का विस्तार कर 10 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।
नई जांच टीम में वेस्ट त्रिपुरा के अर्बन एडिशनल SP ध्रुबा नाथ, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, अमताली थाना, वेस्ट अगरतला महिला थाना, बट्टाला और रामनगर आउटपोस्ट के प्रभारी अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा केटीडी सिंह पुलिस ट्रेनिंग अकादमी के एक इंस्पेक्टर और पहले जांच अधिकारी रहे सुभोजित देब भी टीम का हिस्सा बनाए गए हैं।
जांच को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए हर दिन सुबह और शाम समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। सुबह की बैठक में जांच की रणनीति, नए कार्य और जिम्मेदारियां तय होंगी, जबकि शाम की बैठक में दिनभर की प्रगति, जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
जांच टीम के सभी सदस्यों को प्रतिदिन पश्चिम त्रिपुरा के एसपी को विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसमें जांच की स्थिति, जुटाए गए सबूत, तकनीकी विश्लेषण और अगले कदमों की जानकारी शामिल रहेगी। वहीं हर शनिवार को साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार कर पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) को भेजी जाएगी।
कांग्रेस, सीपीआई(एम), सीपीआई समेत कई विपक्षी दलों ने इस मामले की जांच त्रिपुरा हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि राज्य के पुलिस प्रमुख की मौत बेहद गंभीर मामला है और इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सुदीप रॉय बर्मन ने इस घटना को बेहद संदिग्ध बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसे हत्या का मामला मानती है। उनका कहना है कि यदि इस मामले में पारदर्शी जांच नहीं हुई तो राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठेंगे। विपक्ष का आरोप है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच न्यायिक निगरानी में ही संभव है।
अनुराग का अंतिम संस्कार 22 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके बेटे अभिषेक ने परिवार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की उपस्थिति में उन्हें मुखाग्नि दी।
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPSअधिकारी थे और उन्होंने 17 मई 2025 को त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पद संभाला था। इससे पहले वे इंटेलिजेंस में DGP के रूप में कार्यरत थे। अपने लंबे करियर में उन्होंने CBI में जॉइंट डायरेक्टर और एडिशनल डायरेक्टर, बीपीआरएंडडी, सीआईएसएफ तथा संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का भी नेतृत्व किया था।
Updated on:
27 Jul 2026 05:04 pm
Published on:
27 Jul 2026 05:04 pm
