
DGP अनुराग धनखड़ के बारे में। फोटो सोर्स- X (@meevkt)
About DGP Anurag Dhankhar: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में आत्महत्या करने से मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनका शव उनके कार्यालय के भीतर मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग अनुराग धनखड़ के करियर और प्रोफाइल के बारे में जानकारी तलाश रहे हैं। आपको बताते हैं उनके प्रशासनिक सफर और प्रमुख जिम्मेदारियों के बारे में।
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा त्रिपुरा में बिताया और करीब 16 सालों तक राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी।
हाल ही में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह राज्य में DGP (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने इस पद पर अमिताभ रंजन का स्थान लिया था।
अनुराग धनखड़ को राष्ट्रीय स्तर पर उस समय पहचान मिली, जब उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में रहते हुए भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले की जांच का नेतृत्व किया। करीब 13,000 करोड़ रुपये के इस कथित बैंकिंग घोटाले को देश के सबसे चर्चित वित्तीय मामलों में गिना जाता है। धनखड़ के नेतृत्व में सीबीआई ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की।
CBI में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान अनुराग धनखड़ ने पुलिस अधीक्षक (SP), उप महानिरीक्षक (DIG), संयुक्त निदेशक (Joint Director) और अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्हें एक अनुभवी और निष्पक्ष जांच अधिकारी के रूप में जाना जाता था। हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में उनकी भूमिका को लेकर उनकी अलग पहचान बनी।
CBI के अलावा अनुराग धनखड़ ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में महानिरीक्षक (कार्मिक) के रूप में भी कार्य किया। साल 2003-04 के दौरान वह संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के कोसोवो मिशन का भी हिस्सा रहे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिसिंग और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान अनुराग धनखड़ ने 2005 से 2013 और फिर 2016 से 2023 तक ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D), CISF और CBI में विभिन्न अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वह गृह मंत्रालय द्वारा गठित 1984 के सिख विरोधी दंगा मामलों की विशेष जांच टीम (SIT) के अध्यक्ष भी रहे। इस दौरान उन्होंने पुराने मामलों की दोबारा जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल अनुराग धनखड़ की आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। उनकी मौत से पुलिस महकमे और प्रशासनिक सेवा में शोक की लहर है।
Updated on:
20 Jul 2026 03:31 pm
Published on:
20 Jul 2026 03:31 pm
