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CJP Protest: जंतर-मंतर पहुंचकर अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से की बड़ी अपील, सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की रखी मांग

Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने का सुझाव दिया। केजरीवाल ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।
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Jul 16, 2026
Arvind Kejriwal
जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मिले अरविंद केजरीवाल(फोटो-ANI)

Sonam Wangchuk: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरूवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में धरना स्थल जंतर-मंतर पहुंचे। वहां उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक से मुलाकात की। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।

युवाओं और सोनम वांगचुक की बात सुनिए-केजरीवाल

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से आंदोलनकारी युवाओं और सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने युवाओं की आवाज को नजरअंदाज किया, तो आने वाले समय में उसे 2014 जैसी राजनीतिक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग

केजरीवाल ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटाकर उनकी जगह सोनम वांगचुक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए।

19वें दिन भी जारी है अनिश्चितकालीन अनशन

लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक गुरुवार को अपने अनिश्चितकालीन अनशन के 19वें दिन में प्रवेश कर गए हैं । उनका यह आंदोलन साल 2026 की नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य निगरानी के दिए निर्देश

इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का जीवन मूल्यवान है और सरकार का दायित्व है कि उसे सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। अदालत ने निर्देश दिया कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की प्रतिदिन डॉक्टरों द्वारा निगरानी की जाए। साथ ही सरकारी डॉक्टरों की सलाह के अनुसार यदि किसी चिकित्सा जरुरत की आवश्यकता हो तो उसे बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए।

केंद्र ने अदालत को दिया आश्वासन

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टरों और मेडिकल एक्सपर्ट की टीम पहले से ही रोजाना सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर एक अतिरिक्त मेडिकल टीम भी तैनात की जा सकती है। यह आदेश वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दाखिल जनहित याचिका (PIL) के निपटारे के दौरान दिया गया।

Updated on:
16 Jul 2026 07:30 pm
Published on:
16 Jul 2026 06:54 pm