
CJP Protest Video: राजधानी दिल्ली में शनिवार को विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा का कड़ा पहरा देखने को मिला। सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए। गाड़ियों को रोकने के लिए स्पाइक स्ट्रिप्स बिछाई गईं। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। रेलवे स्टेशन से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पूरी तैयारी कर ली। जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर राजधानी में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर सुरक्षा इंतजामों के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। मोहन एस्टेट में सड़कों पर स्पाइक स्ट्रिप्स लगाई गईं। बता दें इनका इस्तेमाल वाहनों की आवाजाही रोकने और नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग भी बढ़ा दी गई। बड़े ट्रांसपोर्ट हब पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए। होटल ली मेरिडियन के पास गोल चक्कर पर भी सुरक्षा कड़ी रही। यहां दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), CRPF और दिल्ली पुलिस की पिंक फोर्स के जवान तैनात किए गए। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है।
प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं पर भी असर देखने को मिला। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने का प्रस्ताव दिया। इन स्टेशनों पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम करने की बात भी कही गई। वहीं, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई। इन कदमों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और भीड़ को नियंत्रित करना बताया गया। यात्रियों को ऐसे हालात में सफर से पहले संबंधित सेवाओं की ताजा जानकारी जांचने की जरूरत है।
CJP का प्रदर्शन ये कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले सीजेपी ने ‘पेपर लीक’ का मुद्दा उठाया था। महीनों तक छात्र जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करते रहे। लेकिन फिर राजनीति गरमाई विपक्ष भी सरकार से जवाब मांगने लगी। आलम ये हुआ कि अन्तोगत्वा देश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पड़ा।
लेकिन अब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का भी विरोध कर रही है। यह विवाद कथित 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के बीच बढ़ते टकराव से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इससे पहले प्रदर्शन के लिए जुट रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। उधर, गौतम बुद्ध नगर में 10 से 20 अक्टूबर तक BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रशासन ने त्योहारों, परीक्षाओं और प्रस्तावित प्रदर्शनों को इसकी वजह बताया है।