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CJP Protest: दिल्ली पुलिस की FIR में भड़काऊ नारेबाजी, हिंसा और हत्या की कोशिश का आरोप भी शामिल

CJP protest FIR: संसद के पास CJP प्रदर्शन में हिंसा, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, पुलिस पर हमला और हत्या की कोशिश तक के आरोप। दिल्ली पुलिस की FIR में क्या-क्या दर्ज हुआ, पढ़ें पूरी खबर...
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Jul 25, 2026
protest in India Protest at jantar mantar
नई दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन करते हुए

Kartavya Path Police Station FIR: दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हिंसा को लेकर FIR दर्ज की है। पुलिस की FIR में हत्या की कोशिश का भी जिक्र है। कर्तव्य पथ थाने में दर्ज किए गए FIR में बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसवालों पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

चेतावनी को अनसुना किया, भड़काऊ नारे लगाए

पुलिस ने कहा कि मंगलवार को जंतर मंतर से हजारों लोगों की भीड़ रफी मार्ग की तरफ से आगे बढ़ी। भीड़ संसद की तरफ जाने वाली सड़क पर जमा हो गई। उन्होंने संसद मार्च की इजाजत नहीं दी गई थी। एक इंस्पेक्टर की शिकायत में बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने लाउडस्पीकर पर बार-बार दी जा रही चेतावनी को अनसुना कर दिया। उन्होंने न सिर्फ नारे लगाए बल्कि भड़काऊ भाषण भी दिए। भीड़ ने बैरिकेड तोड़कर संसद भवन में घुसने की कोशिश की। जब पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, चप्पलें फेंकीं और पुलिसकर्मियों को घेर लिया। कई जवान घायल हो गए।

संवेदनशील इलाका होने के चलते लाठीचार्ज किया गया

पुलिस ने बताया कि इलाका संवेदनशील होने और संसद समेत अहम इमारतों की सुरक्षा को देखते हुए हल्का लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इससे पहले कई बार शांति बनाए रखने की अपील की गई थी, लेकिन भीड़ नहीं मानी। शिकायतकर्ता इंस्पेक्टर सुबह 5 बजे से कार्तव्य पाथ पर ड्यूटी पर थे। जंतर मंतर से प्रदर्शनकारियों के आने की सूचना मिलते ही उनकी टीम रेल भवन चौराहे पर पहुंची। वहां पहले से बड़ी भीड़ जमा थी और और लोग लगातार बढ़ रहे थे।

किन किन धाराओं में दर्ज की गई FIR

BNS की धारा 223(a) (रोक लगाने वाले आदेशों का पालन न करना), 221 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना), 132 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए उस पर हमला करना), 121(1) (ड्यूटी पर मौजूद सरकारी कर्मचारी को चोट पहुँचाना), 189(3) (गैर-कानूनी भीड़ जमा करना), 190 (गैर-कानूनी भीड़ के सदस्यों द्वारा किए गए अपराध), 191(2) (घातक हथियार के साथ दंगा करना), 191(3) (दंगा करना), 192 (दंगा भड़काना), 324(5) (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली शरारत), 109(1) (हत्या की कोशिश), 125(a) (जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले काम), और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया।

Updated on:
25 Jul 2026 07:54 am
Published on:
25 Jul 2026 07:54 am