
Mobile Internet Suspension: जंतर-मंतर पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, 23 जुलाई को शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में सभी तकनीकों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। यह आदेश टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 और टेलीकम्युनिकेशंस (टेम्पररी सस्पेंशन ऑफ सर्विसेज) रूल्स, 2024 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय गृह सचिव ने उपलब्ध परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, संभावित सार्वजनिक आपात स्थिति को टालने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अपराध के लिए उकसावे को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। आदेश में यह भी जिक्र किया गया है कि इंटरनेट सेवाओं के अस्थायी निलंबन को केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी प्राप्त है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, गृह मंत्रालय के आदेश में किसी विशेष संगठन का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन यह आदेश मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जारी किया गया है।
जंतर-मंतर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया आने में 34 दिन लग गए, जबकि अब भी सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाबदेही से बचाने की कोशिश कर रही है और छात्रों की मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इसी दौरान CJP ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंच रहे या वहां से लौट रहे छात्रों को दिल्ली पुलिस बिना किसी उचित कारण के हिरासत में ले रही है।